मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : बिना दक्षिणा चाणक्य

झांकी : बिना दक्षिणा चाणक्य

अजय भट्टाचार्य। आखिरकार चुनावी चाणक्य की नहीं चली। देश की सबसे बुजुर्ग राजनीतिक पार्टी में उनके अवतारी प्रवेश से मना न करके जो प्रस्ताव दिया, वह चाणक्य को पसंद नहीं आया। चाणक्य पार्टी में अखिल भारतीय स्तर का पद चाहते थे, जिसे पाने के लिए बुजुर्ग पार्टी में कार्यकर्ताओं/नेताओं को उम्र लग जाती है। अलबत्ता पार्टी ने चाणक्य के लिए सशक्त कार्रवाई समूह (ईएजी) में बड़ा (मुखिया) पद देने का प्रस्ताव दिया और कहा महाराज यहां विराजो और भावी चुनाव की रणनीति बनाओ। जबकि चुनावी चाणक्य चाहते थे कि वे सीधे पार्टी मुखिया के प्रति ही जवाबदेह हों। भला बुर्जुआ पार्टी के बुजुर्ग नेता इसे वैâसे बर्दाश्त करते! लिहाजा ऐसा प्रस्ताव दिया, जिसे अगर चाणक्य स्वीकार करते तो पार्टी की मुखिया सहित सभी खुश होते और अस्वीकरण में भी पार्टी को नुकसान नहीं हो। क्योंकि एक हफ्ते की कसरत में चाणक्य लोकसभा चुनाव पर कम से कम ५ सौ स्लाइड का प्रस्तुतिकरण कर चुके थे। अब इसमें पार्टी को जो फायदेमंद लगेगा, उस पर अमल भी कर लेगी और चाणक्य को मोटी दक्षिणा भी नहीं देनी पड़ेगी।

जाखड़-थामस पर एक्शन
कांग्रेस अनुशासन समिति की मंगलवार को हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस के बड़े नेता सुनील जाखड़ और केरल कांग्रेस के नेता के.वी. थॉमस को कभी भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी पार्टी-विरोधी गतिविधियों पर पार्टी की अनुशासन समिति में चर्चा के बाद दोनों नेताओं के निलंबन की सिफारिश की गई है। दोनों पर आरोप है कि पार्टी की ओर से जारी निर्देशों का इन्होंने पालन नहीं किया। एक ओर जहां थॉमस ने सीपीएम के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, वहीं जाखड़ ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ जबरदस्त बयानबाजी की थी। बैठक में जाखड़ को दो साल के लिए निलंबित करने और थॉमस को पार्टी की सभी कमेटियों से हटाने की सिफारिश की गई है। हालांकि, इस पर अंतिम पैâसला पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ही लेंगी। भीतर के सूत्र बताते हैं कि हो सकता है सोनिया गांधी इन सिफारिशों को न मानें। उनकी संस्तुति के बाद ही इस बारे में कोई ठोस एलान किया जाएगा। खबर यह है कि शायद जाखड़ को भी निलंबित न कर सभी पदों से मुक्त कर दिया जाए। इसके अलावा मेघालय के पांच विधायकों को भाजपा का समर्थन करने के कारण निलंबन का प्रस्ताव है।

अर्जुन का पीयूष पर निशाना
पश्चिम बंगाल भाजपा में मचे घमासान के बीच बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह ने राज्य में जूट मिलों की स्थिति को लेकर केंद्रीय वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल पर निशाना साधा है और केंद्रीय मंत्री पर जूट उद्योग को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। अर्जुन सिंह के मुताबिक वे बार-बार जूट उद्योग को लेकर वस्त्र मंत्री का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन वह जूट उद्योग को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। वह प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जूट उद्योग को बचाने के लिए वह राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ भी संयुक्त रूप से आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। भाजपा सांसद अर्जुन सिंह लोकसभा चुनाव के पहले तृणमूल छोडकर भाजपा में शामिल हुए थे और तब से लगातार ममता बनर्जी पर हमलावर थे। अब जूट मिलों की स्थिति को लेकर ममता के साथ संयुक्त रूप से आंदोलन के लिए तैयार हैं। जाहिर है अर्जुन भी कहीं खिसकने की भूमिका तो नहीं बना रहे!

ट्रेन का टी ब्रेक
बस, ट्रक या अन्य वाहनों के चालक अक्सर रास्ते में चाय पीने के बहाने हल्का अवकाश लेते हैं। मगर बिहार की बात अलग है, जहां रेलगाड़ी के चालक ने चाय पीने के लिए रेल रोक दी। सिवान में सिसवन ढाला पर दोनों तरफ से फाटक लगा था। एक तरफ ट्रेन में यात्री इंतजार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ सड़क पर वाहनों की लंबी कतार थी। गर्मी से परेशान लोग ढाला पर खड़ी १११२३ डाउन झांसी एक्सप्रेस के जाने का इंतजार करने लगे, लेकिन एक्सप्रेस तो तभी खुली जब गार्ड चाय लेकर वापस इंजन के केबिन में बैठ गए। चाय की पहली चुस्की के बाद लोको पायलट ने ट्रेन आगे बढ़ाई। पूरे मामले की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सूचना के अनुसार ड्राइवर ने चाय के लिए ट्रेन रोक दी थी। गार्ड ढाला के पास स्थित दुकान से चाय लेकर आया और फिर इंजन में सवार हुआ।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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