मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : चिराग के बहाने आग

झांकी : चिराग के बहाने आग

अजय भट्टाचार्य।  राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परसों चिराग पासवान को फोन किया। कल चिराग पासवान ने एक ट्वीट कर मुर्मू को समर्थन देने की बात कही है। मतलब यह है भाजपा चिराग और उनकी पार्टी को अब भी राजग का हिस्सा मानती है। खुद प्रधानसेवक भी कह चुके हैं कि चिराग राजग का हिस्सा हैं। यह पहले ही तय था कि चिराग राजग की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन जाहिर करेंगे। यह चिराग के दलित-आदिवासी के सियासी एजेंडे के अनुकूल भी बैठता है। इसका दूसरा मतलब यह भी है कि चिराग पासवान के मामले में भाजपा नीतीश के दबाव नहीं मानना चाहती। नीतीश के लिए यह घटनाक्रम एक झटका है। लोक जनशक्ति पार्टी में विभाजन के पीछे नीतीश का दिमाग और भाजपा का उनके दबाव में आकार आनन- फानन में नए ग्रुप को मान्यता देना भी था। इस घटनाक्रम को अग्निपथ मुद्दे पर हिंसा की आग में झुलस रहे बिहार में मुख्यमंत्री की चुप्पी का जवाब भी कहा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ महतारी
भारत माता की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की भूदेवी तैयार की है, जिसकी तस्वीर हर सरकारी दफ्तर में लगाने/प्रदर्शित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को राज्य सरकार के सभी आधिकारिक कार्यों में छत्तीसगढ़ महतारी (इसका अर्थ छत्तीसगढ़ी बोली में `मां’) के चित्रों को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। छत्तीसगढ़ महतारी को पहले गद्य में गढ़ा गया था, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को शरीर के अंगों के रूप में शामिल किया गया था। हरे रंग की लुगरा (साड़ी) पहने, पौधों का मुकुट पहने और हाथ में धान पकड़े हुए यह तस्वीर १९९० के दशक में गढ़ी गई थी। अलग राज्य की मांग बढ़ने के साथ ही १९९६ के बाद इस तस्वीर को प्रमुखता मिली। छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित मंदिर राज्यभर में फैले हुए हैं, जिनमें से एक वर्तमान राज्य की राजधानी रायपुर में है। खुद को मिट्टी का पुत्र कहते मुख्यमंत्री इस तस्वीर की तरह खुद को सुलभ और संबंधित बनाने के प्रयास में स्थानीय आइकन से खुद को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

थेनारासन ने रास्ता खोला
गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) के उपाध्यक्ष एम थेनारासन पिछले हफ्ते दाहेज में एक समुद्री पानी से नमक अलग करने के संयंत्र के उद्घाटन के लिए एक आधिकारिक समारोह के दौरान चर्चा में थे। संयंत्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया था और यह सरकारी समारोह में गड़बड़ी का बेहतरीन उदाहरण बन गया। इसके लिए सभी अखबारों में पूरे पृष्ठ का विज्ञापन जारी किया गया था और प्रमुख स्थानीय लोगों, मूवर्स और शेकर्स को निमंत्रण भेजा गया था। निमंत्रण के बारे में सबसे खास बात मेजबान का नाम था, जो थेनारासन का नाम था। आमतौर पर, राजनीतिक व्यक्ति, ज्यादातर संबंधित विभाग के मंत्री या क्षेत्र के सांसद/विधायक मेजबान की भूमिका निभाते हैं। इस मामले में मेजबान के तौर पर सिर्फ अधिकारी का नाम था। नौकरशाह आमतौर पर सभी भारी-भरकम काम करने के बावजूद पृष्ठभूमि में रहना पसंद करते हैं। थेन्नारासन, जो विभाग को अच्छी तरह से संभाल रहे हैं और सत्ताधारी पार्टी की अच्छी किताबों में हैं, एक ट्रेंडसेटर बन सकते हैं। थेनारासन ने अन्य अधिकारियों के लिए भी रास्ता खोल दिया है जो अब अपने कार्यों पर गर्व कर सकते हैं और अकेले राजनेताओं को इसका श्रेय नहीं लेने देंगे!

कर्नाटक में थप्पड़ की गूंज
कर्नाटक की मांड्या सीट से जद (सेकुलर) विधायक की करतूत पर विधायक के साथ-साथ पार्टी की भी भद्द पिट रही है। जद (से) विधायक एम. श्रीनिवास एक कॉलेज के दौरे पर थे और वो अपना आपा खो बैठे जब कॉलेज के प्रिंसिपल कंप्यूटर लैब के लिए चल रहे विकास कार्यों के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे थे। तब गुस्से में तमतमाए श्रीनिवास ने नलवाड़ी कृष्णराजा वाडियार आईटीआई कॉलेज के प्राचार्य पर सबके सामने थप्पड़ों की बारिश कर दी। यह घटना पुनर्निर्मित आईटीआई कॉलेज के उद्घाटन के दौरान हुई जब प्रयोगशाला में काम के बारे में प्राचार्य नागानंद द्वारा जानकारी नहीं देने पर श्रीनिवास भड़क गए। किसी ने घटना का वीडियो वायरल कर दिया, जिसके प्रिंसिपल के साथ सम्मान नहीं करने पर लोगों ने श्रीनिवास की खिंचाई की है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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