मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : राजनीति में सब जायज

झांकी : राजनीति में सब जायज

अजय भट्टाचार्य।  गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण को बमुश्किल एक सप्ताह ही बचा है। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज राजनीतिक मंचों से अपनी-अपनी जीत के नगाड़े भले पीट रहे हों मगर जमीन पर दोनों दलों के उम्मीदवार परेशान हैं। उन्हें प्रचार-प्रसार के लिए कार्यकर्ता नहीं मिल रहे हैं। एक समय था जब किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता अपने नियमित काम से अवकाश लेकर १०-१५ दिन पार्टी उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में जुट जाते थे। बैठकों/मीटिंगों को आयोजित करने में मदद करते थे, जनसंपर्क और जनसभाओं के लिए भीड़ जुटाने में बिना कोई पारिश्रमिक लिए जी-जान लगा देते थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उम्मीदवारों के लिए काम करनेवाले पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता लगभग गायब हैं। प्रधानसेवक के दिए मंत्र को अंगीकार कर कुछ लोगों ने इसे एक व्यावसायिक अवसर के रूप में अपनाया और लोगों को प्रचार, रैलियों में भाग लेने आदि के लिए उपलब्ध कराने का काम किया। ये कंपनियां प्रति व्यक्ति ८०० रुपए चार्ज करती हैं और उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं। जैसा कि वे कहते हैं, प्यार, युद्ध और राजनीति में सब कुछ जायज है।

मालिश का नाम बदलो!
सच कहा जाए तो मालिश जैसे कार्य को प्रसिद्धि दिलाने में मालिशवाले स्वामीजी से लेकर जेल में सजा काट रहे लोगों का बड़ा योगदान है। तिहाड़ जेल में दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की तेल मालिशवाला एक वीडियो वायरल हुआ, जिसका नेटीजन ने भरपूर लुत्फ उठाया। अब पता चला है कि वे जिस व्यक्ति से मसाज करवा रहे थे, वह रेप का आरोपी है। जेल में मसाज के वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाया था। उसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जैन की तबीयत खराब है और उन्हें फीजियोथेरेपी दी जा रही है। अब चूंकि सच बोलने के मामले में केजरीवाल खुद को हरिश्चंद्र के बाद दूसरा व्यक्ति मानते हैं इसलिए यह मान लिया जाना चाहिए कि जेलों में अपराधियों के सुधार कार्यक्रम में फीजियोथेरेपी कोर्स भी शामिल किया जाना चाहिए। निवाड और मोमबत्ती बनाने जैसे नुस्खे अब काम के नहीं रहे। वैसे तिहाड़ के अधिकृत सूत्रों के मुताबिक जैन को मसाज देनेवाला व्यक्ति पॉक्सो एक्ट में बंद है। रिंकू नामक इस व्यक्ति को एक साल पहले गिरफ्तार किया गया था। वह फीजियोथेरेपिस्ट नहीं है। अब केजरीवाल चाहें तो मालिश का नाम बदलकर फीजियोथेरेपी कर सकते हैं। जांच इस बात की होनी चाहिए कि इतनी सुंदर व्यवस्था होने के बाद भी जैन का वजन २९ किलो कैसे घट गया? कुछ तो गड़बड़ है रे बावा..!

विधायक की शारीरिक समीक्षा
दिल्ली नगर निगम चुनाव की हलचल के बीच आम आदमी पार्टी के एक विधायक की इन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शारीरिक समीक्षा कर दी, आम भाषा में जिसे पिटाई कहते हैं। मटियाला से विधायक गुलाब सिंह यादव जब परसों रात करीब आठ बजे श्याम विहार में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे तभी किसी विवाद पर कार्यकर्ताओं ने उनको पीटना शुरू कर दिया। पार्टी की तरफ से आधिकारिक तौर पर इस घटना पर कोई बयान सामने नहीं आया है। घटना के वायरल वीडियो में खुद को बचाने के लिए विधायक को बैठक स्थल से भागते हुए देखा गया। यह `ईमानदार राजनीति’ की सबसे बड़ी झंडाबरदार पार्टी का यह अभूतपूर्व दृश्य भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक संदर्भ की प्रस्तावना की तरह है। भाजपा ने इस जूतमपैजार पर व्यंग्य कसा और कहा कि आप के सदस्य भी अपने विधायकों को नहीं बख्श रहे। पिट गए आप के विधायक जी को टिकट बेचने के आरोप में आप कार्यकर्ताओं ने दौड़ा-दौड़ा करके पीटा। केजरीवाल जी, ऐसे ही आप के सभी भ्रष्टाचारी विधायकों का नंबर आएगा। मजा यह है कि छावला थाने में विधायक को पीटनेवालों की पैरवी कर बचाने में भाजपा का निगम पार्षद व घटना वाले वॉर्ड से भाजपा का उम्मीदवार जोर लगा रहे थे।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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