मुख्यपृष्ठधर्म विशेषझांकी : शत्रुघ्न के सामने अग्निमित्रा

झांकी : शत्रुघ्न के सामने अग्निमित्रा

आसनसोल लोकसभा सीट पर होनेवाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ पार्टी महासचिव और विधायक अग्निमित्रा पाल को चुनावी मैदान में उतारा है। आसनसोल सीट भाजपा के सांसद रहे बाबुल सुप्रियो के तृणमूल में शामिल होने के बाद खाली थी। बाबुल सुप्रियो को तृणमूल ने बालीगंज विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है, वहीं भाजपा ने उनके खिलाफ किया घोष को टिकट दिया है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही भाजपा ने बिहार के बोचहा विधानसभा सीट से बेबी कुमारी और महाराष्ट्र के कोल्हापुर उत्तर सीट से सत्यजीत शिवाजीराव कदम को अपना प्रत्याशी बनाया है। सभी सीटों पर १२ अप्रैल को मतदान होगा और १६ अप्रैल को चुनाव परिणाम घोषित होंगे।

सहनी बगावती तेवर में
बिहार में मुकेश सहनी कभी भी पलटी मार सकते हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि तेजस्वी यादव ढाई साल के लिए खुद और इतने ही दिनों के लिए उन्हें यानी मुकेश सहनी या निषाद समाज के किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाने पर अपनी सहमति जताते हैं तो वीआईपी उनका साथ देगी। बकौल, मुकेश वे हमेशा से लालू प्रसाद यादव को मानते रहे हैं और लालू उनके दिल में बने रहेंगे। लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय के पैरोकार रहे हैं। लालू यादव हमेशा सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहे हैं। उन्हें देखकर मैंने राजनीति सीखी है। लालू प्रसाद यादव की उंगुली पकड़कर हम यहां तक पहुंचे हैं और अगर यहां तक आया हूं तो उन्हें वैâसे भूल जाऊं। भले ही रास्ते अलग-अलग हैं लेकिन लालू जी दिल में हमेशा बसते हैं। उनकी लड़ाई बिहार में पिछड़े-दलितों के अधिकार को लेकर है और तेजस्वी यादव चाहते हैं कि केवल वही मुख्यमंत्री बनें और कोई नहीं। जब तक उनकी और मेरी सोच में अंतर रहेगा, हम एक-दूसरे से दूर ही रहेंगे। जिस दिन तेजस्वी यादव ढाई-ढाई साल सीएम की बात मान लेंगे, हम उनके साथ आ जाएंगे। जरूरी नहीं है कि मुकेश सहनी मुख्यमंत्री बनें। किसी भी दलित को मुख्यमंत्री बना दें, मुझे मंजूर है। मैं कोई फ्लावर नहीं हूं और मुझे फूल समझने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, मैं सन ऑफ मल्लाह निषाद का बेटा हूं, जो हमेशा धारा के खिलाफ तैरने को तैयार रहता है।

कोन्याक बनाएंगी रिकॉर्ड
नगालैंड भाजपा ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष एस फेंगनॉन कोन्याक को अपना राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। भाजपा का साझेदार एनडीपीपी के साथ ६० सदस्यीय विधानसभा में ३५ विधायक हैं। विधानसभा में नगा पीपुल्स प्रâंट (एनपीएफ) के २५ सदस्य हैं। कोन्याक को समर्थन दिया जाए या अपना अलग से प्रत्याशी उतारा जाए, इसे लेकर एनपीएफ में मंथन चल रहा है। एनपीएफ द्वारा प्रत्याशी उतारे जाने के बावजूद एनडीपीपी-भाजपा के पास संयुक्त रूप से अधिक विधायक हैं और उनके प्रत्याशी की जीत लगभग तय है। कोन्याक ने अब तक नामांकन दाखिल नहीं किया है। १९६३ में नगालैंड के बतौर राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद से केवल एक महिला सांसद रानो एम शाइजा १९७७ में चुनी गई थीं। नगालैंड विधानसभा में आजतक कोई महिला विधायक निर्वाचित नहीं हुई है। अगर कोन्याक जीत जाती हैं तो राज्यसभा में नगालैंड का प्रतिनिधित्व करनेवाली वे पहली महिला सदस्य होंगी।
अंडाल के रिक्शेवालों का कमाल
पश्चिम बर्दवान के अंडाल में दो ई-रिक्शा चालक दसवीं की परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को उनके घरों से परीक्षा केंद्रों तक और मुफ्त में वापस लाने के लिए आगे आए हैं क्योंकि उनमें से कई इतने गरीब हैं कि परीक्षा के दिन भी बस की सवारी नहीं कर सकते। इन दो ई-रिक्शाचालकों में एक कनई रुइदास का कहना है कि कई परीक्षार्थी पैदल यात्रा करते हैं क्योंकि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए बस की सवारी या वाहन किराए पर नहीं ले सकते। गरीबी के कारण हमें स्कूल छोड़ना पड़ा और गरीब परिवारों के छात्रों के सामने आनेवाली बाधाओं को जानकर हमने उन्हें मुफ्त में परीक्षा केंद्रों पर ले जाने का फैसला किया। दोनों ड्राइवर बीते सोमवार से एक साथ १०० से अधिक परीक्षार्थियों को माध्यमिक परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाकर परीक्षा के बाद घर वापस ला रहे हैं। इस सेवा को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्होंने अपने वाहन पर एक पोस्टर भी लगाया, जिसमें परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्र की पेशकश की गई थी। इसके अलावा इन दोनों ने परीक्षा के प्रत्येक दिन दो घंटे आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उस दौरान वे किसी अन्य यात्री को स्वीकार नहीं करते। उनका कहना है कि हम भी गरीब लोग हैं लेकिन हम युवाओं के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करना चाहते हैं।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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