मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : भाजपा से खुली लड़ाई लड़ेंगे मलिक

झांकी : भाजपा से खुली लड़ाई लड़ेंगे मलिक

अजय भट्टाचार्य। अगले महीने सेवानिवृत्त होने जा रहे मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पदमुक्त होते ही भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने के मूड में हैं। एक निजी चैनल से बातचीत में मलिक ने एलान किया कि मैं किसानों की आवाज उठाने शामली में किसानों की रैली में जा रहा हूं। भाजपा ने किसानों को धोखा दिया। मेरी भाजपा से खुली लड़ाई है। वहां जयंत चौधरी भी रैली में शामिल हो रहे हैं। ये राजनैतिक रैली नहीं है। २०२४ में किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन फिलहाल नहीं करने की बात कहते हुए मलिक बोले कि वे किस दल का समर्थन करेंगे? अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं। अलबत्ता अवकाश प्राप्त करने के बाद वे कश्मीर पर एक किताब लिखेंगे, जिसमें ऐसी बहुत-सी बातों होंगी जो राज्यपाल रहते वे बोल नहीं पाए। मतलब साफ है, जिस धारा ३७० को हटाने की वाहवाही केंद्र सरकार लूट रही है और अगले चुनाव में उस पर वोट भी मांगने वाली है, मलिक की भावी किताब उस पर पानी न फेर दे। क्योंकि तीन साल के बाद भी जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने में केंद्र सरकार विफल रही है।

तेजस्वी बिहार संभालें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पार्टी अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन भर चुके हैं। साथ ही उन्होंने इच्छा भी जाहिर कर दी है कि आगामी भविष्य में तेजस्वी यादव बिहार को संभालें, नीतिश को दिल्ली भेजेंगे। सोनिया गांधी से हुई मुलाकात के बाद सोनिया के साथ फोटो तक नहीं होने की भाजपा की बात पर लालू यादव ने कहा कि हम सोनिया गांधी से मिलने गए थे, फोटो खिंचवाने नहीं। उनसे अच्छी बातचीत हुई। उनका संगठन चुनाव होने के बाद फिर उनसे मिलेगा, वहीं नामांकन भरने के बाद उन्होंने कहा कि भाजपा को उखाड़ फेंकना है, सभी विपक्षी दलों को साथ लाना है। लालू के बयान से साफ है कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले नीतिश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में एक अहम चेहरा बनने वाले हैं। साथ ही २०२५ के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी बिहार के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे।

सब चोर नहीं
देवी पक्ष के भाजपाई देवता मिठुुन चक्रवर्ती ने एक बार फिर कहा है कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी में सब ‘चोर’ नहीं हैं, कुछ नेता अच्छे भी हैं और उन अच्छे नेताओं के साथ भाजपा संपर्क में है। चुंचुड़ा स्टेशन के पास विद्या भवन में पूजा पूर्व सम्मेलन में मिठुन चक्रवर्ती पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में शामिल हुए थे। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी थे। पहले भी मिठुुन ने दावा किया था कि उनके साथ तृणमूल के विधायक संपर्क में हैं। उनके दावों को लेकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व मौन है। चक्रवर्ती ने दावा किया कि पार्टी जब चाहेगी, वह नाम के साथ बता देंगे कि किनके साथ उनकी बात हुई है? असल में २१ नहीं, मैंने ३८ तृणमूल विधायकों की बात कही है। इसके अलावा और भी हैं, जो सीधे दिल्ली (भाजपा) से संपर्क में हैं। जबकि पार्टी ने कह दिया था कि तृणमूल से किसी को नहीं लेंगे लेकिन मैंने समझाया है। हालांकि हम सड़े आलू नहीं लेंगे। इस मुद्दे पर तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘मिठुन चक्रवर्ती कई घोटालों में जुड़े हुए हैं। उन सबसे बचने के लिए वो भाजपा में गए हैं। मैं उन्हें अजवाइन की हाजमा गोली भेज दूंगा।’

इस्लाम की दुर्गा पूजा
उड़ीसा के बारीपदा जिला स्थित गंगराज ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले तेंतुलीडिंगा गांव में आज ७४ साल के कोहिनूर इस्लाम का अपना दुर्गा पूजा उत्सव है। १९८६ में गांव की महिलाओं को दुर्गा पूजा में भाग लेने के लिए बारीपदा शहर की यात्रा करते हुए देखकर, उनके पास अपने गांव में त्योहार शुरू करने का विचार आया। हम अपनी पूजा क्यों नहीं कर सकते, उन्होंने पूछा? जब उन्होंने ग्रामीणों के साथ अपने सुझाव साझा किए तो वे उनके प्रस्ताव पर सहमत हो गए और स्थानीय लोगों से एकत्रित धन के साथ, तेंतुलिंग दुर्गा पूजा समिति की स्थापना की गई। तब से कोहिनूर करीब ५०० सदस्यों के साथ समिति प्रमुख की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। जिस समय कोहिनूर इस समिति के अध्यक्ष बने, तब उनकी उम्र ३४ साल थी। उनकी दो बेटियां ताहा परवीन और जोहा समिति को चलाने में वित्तीय सहायता करती हैं। ताहा पुणे में एक यूएस-आधारित कंपनी में कार्यकारी हैं, जबकि छोटी बहन जोहा अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं।

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