मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : आतंकवाद का जिन्न

झांकी : आतंकवाद का जिन्न

अजय भट्टाचार्य।  बड़ी बात यह है कि सरकार बहादुर पिछले आठ साल से देश की सत्ता पर गद्दीनशीन हैं और अब उन्हें पता चला कि कांग्रेस और अन्य दल आतंकवाद को हवा देते हैं। हिंदुओं को डराने के इस फॉर्मूले में पेच यह है कि रुबिया सईद कांड से लेकर कंधार तक आतंकवादियों को छोड़ने का कीर्तिमान कांग्रेस नहीं बना सकी। लगता है साहब का भाषण लिखनेवाला कारगिल भी भूल गया। पठानकोट और पुलवामा कांड भी कांग्रेस के शासन में हुआ था? अगर सरकार बहादुर की बात मान भी ली जाए तो अब तक मुद्दे पर उनकी सरकार ने श्वेतपत्र जारी क्यों नहीं किया? दरअसल गुजरात में ५३ सीटों पर १० फीसदी से ६१ फीसदी तक मुस्ल्लिम मतदाता हैं और इसी का डर भाजपा को खाए जा रहा है। ७६ शहरी सीटों पर जो दबदबा अब तक पार्टी ने कायम रखा था, उसमें उनकी ही पार्टी द्वारा खड़े किए गए भस्मासुर ने सेंध लगा रखी है। थोड़ी बहुत उम्मीद आदिवासियों से थी, वे भी पिनके हुए हैं क्योंकि सरदार सरोवर बांध के लिए छीनी गर्इं उनकी जमीनों का मुआवजा तक नहीं दिया गया है। मिशन १२७ के फ्लॉप होने की संभावना का असर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि एक बार फिर पाकिस्तान को गुजरात में उतार दिया गया। कल पहले चरण का मतदान है और सरकार बहादुर परेशान हैं।

एक गांव ऐसा भी
भले ही अभी तक देश में मतदान करना अनिवार्य नहीं किया है मगर गुजरात के राजकोट जिले के एक गांव में मतदान न करने पर ५१ रुपए का जुर्माना लगाने का नियम है। इसके अलावा राज समाधियाला नामक गांव के लोगों ने राजनीतिक दलों के गांव में प्रवेश और प्रचार पर रोक लगा रखी है। यह गांव अपने नियम-कायदों के लिए आदर्श गांव का तमगा हासिल कर चुका है। गांववासियों का मानना है कि राजनीतिक पार्टियां गांव में आएंगी तो जातिवाद होगा इसलिए १९८३ से राजनीतक पार्टियों के गांव आने पर पाबंदी है लेकिन मतदान लगभग सभी गांव वाले करते हैं। अपने अलग नियम कायदों के चलते आज गांव बेहद साफ-सुथरा दिखता है। सारी सडकें सीमेंट की बनी हुई हैं। सीसीटीवी वैâमरे भी लगे हैं। गांव को राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला है। गांव में जातिवाद की सख्त मनाही है। कूड़ा पैâलाने, हवा या पानी प्रदूषित करने, डीजे बजाने पर ५१ रुपए का जुर्माना है। दिवाली के अलावा पटाखे चलाने पर भी रोक है। राजनीतिक दलों को भी एहसास है कि अगर वे राज समाधियाला गांव में प्रचार करेंगे तो वे उनकी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगे। कोई विवाद होने पर मामला गांव की लोक अदालत में जाता है।

लक्खी भंडार पर रार
बंगाल की लक्खी भंडार योजना पर घमासान मचा हुआ है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार द्वारा यह कहे जाने पर कि भाजपा सत्ता में आई तो महिलाओं को प्रत्येक माह २,००० रुपए देंगे, इस बयान पर मंत्री फिरहाद हकीम ने भाजपा पर निशाना साधा है। फिरहाद ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की योजना भाजपा चोरी कर रही है। ममता बनर्जी जो पहले करती हैं भाजपा बाद में करती है। यहां से योजना की चोरी कर गुजरात जाने को विवश हैं। अगर उन्हें यह बंगाल के लोगों की वजह से मिलता है तो यह अच्छा है। लेकिन ममता बनर्जी से भाजपा यह कहे कि आपके विचारों का पालन करने के लिए धन्य हुई हूं। ममता नीत बंगाल सरकार की लक्खी भंडार योजना के तहत सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्रत्येक माह ५०० रुपए तथा अनुसूजित जाति और जनजाति की महिलाओं को प्रत्येक माह १००० रुपए मिलते हैं। दुर्गापुर में सुकांत मजूमदार ने कहा था कि भाजपा रोजगार देगी। घर की महिलाओं को २ हजार रुपए मिलेंगे और लड़कों को १ हजार रुपए मिलेंगे।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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