मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : बोगी गायब!

झांकी : बोगी गायब!

अजय भट्टाचार्य। 
यह न कोई जादू है न कोई चमत्कार! भारतीय रेलवे में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग कहा जा सकता है कि टिकट बुक कर लो मगर बोगी गायब कर दो। बेरहामपुर-हजूर साहिब नांदेड़ किराया स्पेशल में उड़ीसा के दक्षिणी जिलों के यात्रियों ने हैदराबाद के लिए अपने टिकट बुक किए थे, जो सुबह रविवार की ४.३० बजे रवाना होनेवाली थी। उनमें से कुछ यह जानकर चौंक गए कि कोच नंबर बी-५ और बी-६ (एसी थ्री टियर) ट्रेन से जुड़े नहीं थे। जिन लोगों को कोच आवंटित किए गए थे, उन्हें तब संबंधित अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि वे अपने टिकटों के लिए रिफंड ले सकते हैं। इस अफरा-तफरी के बीच स्टेशन प्रबंधक डीपी ब्रह्मा ने टीटीई से यात्रियों को अन्य बोगियों में समायोजित करने के लिए कहा। २० यात्रियों ने अन्य कोचों में यात्रा करने का विकल्प चुना, १४ ने अपने टिकट के लिए रिफंड लिया। कई यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाने के लिए ईस्ट-कोस्ट रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। एक ट्वीट पर रेल संबंधी हर समस्या का दावा करनेवाले रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का नेटवर्क डाउन था, शायद इसलिए इस संबंध में किसी भी ट्वीट का जवाब नहीं दिया गया।

नंबर १७ का खतरा
कल गुजरात में दूसरे व अंतिम चरण के मतदान के बाद सबकी नजरें उन ३१ सीटों पर हैं, जहां पिछले चुनाव में तीन हजार से भी कम वोटों के अंतर से हार जीत हुई थी। इनमें कम से कम १७ सीटें खेल बदल सकती हैं। इनमें से तीन सीटों पर १,००० से भी कम वोटों से जीत हासिल हुई थी। इन १७ सीटों में से भाजपा ने नौ और कांग्रेस ने आठ सीटें जीती थीं। गोधरा से भाजपा के सी के राउलजी ने सबसे कम २५८ मतों के अंतर से जीत हासिल की। ढोलका सीट से पूर्व शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्रसिंह चूडासमा ने ३२७ मतों से जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के शिवभाई भूरिया ने देवदार से ९७२ मतों से जीत दर्ज की। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल विसनगर से २,८६९ मतों से जीते थे। ढोलका में अब चूडासमा की जगह किरीटसिंह डाभी मैदान में हैं, जिनके सामने कांग्रेस ने इलाके में मजबूत पकड़ वाले अश्विन राठौड़ को मैदान में उतारा है। राठौड़ ढोलका में कद्दावर नेता माने जाते हैं। विजापुर में भाजपा ने रमनभाई पटेल को दोहराया है, जो १,१६४ मतों से जीते थे। उनका मुकाबला क्षेत्र के डॉ. चौरसिंह चावड़ा से है। हिम्मतनगर में १,७१२ मतों से जीतनेवाले भाजपा के राजूभाई चावड़ा को भी बदलकर वी डी झाला को उतारा है। २०१७ में २,५५१ वोटों से जीते राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गजेंद्र परमार इस बार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि ऐसी सीटों पर परिणाम, जो १,००० से कम मतों से जीते गए थे, इस बार बदल सकते हैं क्योंकि विभिन्न कारक हैं।

उलटी घड़ी
गुजरात में भले चुनाव प्रचार में कांग्रेस की हाजिरी कम दिखी हो मगर पार्टी मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने से परहेज नहीं कर रही है। इस बार चुपचाप प्रचार करने का दावा करनेवाली कांग्रेस जीत को लेकर काफी आश्वस्त है। पहले चरण के मतदान के बाद, कांग्रेस नेताओं ने मीडिया के सामने घोषणा की कि वे अगली सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। पार्टियों द्वारा जीत का दावा करना कोई नई बात नहीं है। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा सरकार को ‘बाहर धकेलने’ से पहले बचे दिनों और घंटों की संख्या प्रदर्शित करने के लिए ‘उलटी गिनती घड़ी’ लगाकर अपने आत्मविश्वास को नए स्तर पर ले लिया है। घड़ी ८ दिसंबर तक का समय गिन रही है, जब वोटों की गिनती होगी।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)

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