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झांकी : हस्तिनापुर पर चढ़ाई बा

  • अजय भट्टाचार्य

हस्तिनापुर पर चढ़ाई बा
बिहार में नीतिश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद राजद और भाजपा में बयानी तलवारबाजी जारी है। इसी बीच पटना में राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय के बाहर सोमवार को एक पोस्टर उगा, जिसके बाद बिहार की सियासत तेज हो गई है। पोस्टर में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव सृष्टि निर्माता भगवान ब्रह्मा के रूप में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के सारथी बने दिख रहे हैं। नीतिश अर्जुन की भूमिका में रथ पर सवार हैं। साथ ही कई भगवानों के रूप में सारे विपक्षी पार्टियों के नेताओं को दिखाया गया है। राजद के इस पोस्टर में बिहार और देशवासियों को दीपावली, छठ और नए साल की शुभकामनाएं दी गई हैं। साथ ही लिखा है ‘आ अब २०२४ में सीधे हस्तिनापुर (नई दिल्ली) पर चढ़ाई बा।’ इस पोस्टर के नीचे में एक तस्वीर बनी है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को हाथ में तीर धनुष लिए रथ पर बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव रथ को चलाते नजर आ रहे हैं। उनके हाथ में लालटेन है।
सबसे बड़ा कद्दू
बीते २ अक्टूबर को न्यूयॉर्क में आयोजित `द ग्रेट कद्दू फार्म’ में स्कॉट एंड्रस नाम के एक किसान ने वार्षिक विश्व कद्दू वजन प्रतियोगिता जीत ली। इस कद्दू का वजन २,५५४ पाउंड यानी करीब १,१५८ किलोग्राम बताया जा रहा है, वहीं इस कद्दू को प्रदर्शनी में भी रखा गया। इसके लिए स्कॉट को एक प्रमाणपत्र और ५,५०० अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी गई। स्कॉट ने पूरे उत्तरी अमेरिका में सबसे बड़ा कद्दू उगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उसने कद्दू की ढंग से देखभाल की। लताओं और अन्य फालतू चीजों को लगातार काटता रहता था। इसके साथ ही इसे सर्वाेत्तम उर्वरक देता रहा। स्कॉट एंड्रस अब तक का सबसे भारी वजन के कद्दू के गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड तोड़ने के करीब थे, जिसे एक इटली किसान ने २,७०२ पाउंड (१,२२५ किलोग्राम) कद्दू के साथ बनाया था।
तबादलों से नाराजगी
पिछले सप्ताह सूरत और वडोदरा के नगर निगम आयुक्तों के तबादलों पर सवाल उठा कि केवल दो आयुक्तों को ही क्यों स्थानांतरित किया गया? एसएमसी आयुक्त बंछनिधि पाणि को वडोदरा नगर आयुक्त के रूप में स्थानांतरित किया गया था। पाणि निराश हैं और उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त से सूरत में बने रहने का अनुरोध भी किया क्योंकि उनके द्वारा शुरू कई परियोजनाओं में उनकी देख-रेख की जरूरत थी। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के करीबी बताए जानेवाले पाणि ने भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया था लेकिन राज्य सरकार झुकने को तैयार नहीं थी। वडोदरा की आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने गांधीनगर में एक पोस्टिंग के लिए अनुरोध किया था लेकिन उन्हें सूरत टिका दिया गया। उन्होंने जीएसटी विभाग में पोस्टिंग की मांग की थी। विधानसभा चुनावों से पहले उनकी नौकरी अब डायमंड सिटी में हो गई है, जहां आपने पहली बार एसएमसी चुनावों के दौरान गुजरात की राजनीति में अपनी पैठ बनाई थी।
हुदुड़ दुर्गा
यूं तो पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के लिए विख्यात है लेकिन मिदनापुर जिले के एक सुदूर जंगल से आच्छादित गांव के केंदाशोल समेत आस-पास के कई गांव के लोग दुर्गा पूजा के मौके पर महिषासुर को याद करते हैं। वहां पर हुदुड़ दुर्गा की पूजा कर उत्साह के साथ दुर्गाेत्सव मनाते हैं। संथालीक कुडमाली समाज के लोगों के लिए महिषासुर की याद कर उसकी पूजा की जाती है। कहा जाता है कि एक समय आर्य (राजाओं) ने दुर्गा की मदद से धोखा देकर महिषासुर का वध किया था और इसलिए जब आम लोग दुर्गाेत्सव मना रहे हैं। गांव के लोग असुर की मूर्ति को सामने रखकर शहीदों को याद करते हैं। सप्तमी की शाम से दशमी तक यहां के लोग असुर के रूप जिसे हुदुड़ दुर्गा कहा जाता है की मूर्ति को सामने रखकर स्मरण करते हैं। इसके अलावा आस-पास के लगभग १० गांवों में कोई दुर्गा उत्सव नहीं है। उनके लिए दुर्गाेत्सव का अर्थ हुदुड़ दुर्गा का स्मरण है। यह समारोह २०१६ से शुरू हुआ है, लेकिन कोरोना काल में वित्तीय संकट के कारण इस साल इतना बड़ा उत्सव नहीं मना। हुदुड़ दुर्गा खेरवाल संथाल समुदाय के देवता हैं, जिन्हें संथाल समुदाय के लोग हिंदू धर्म में महिषासुर होने का दावा करते हैं। संथाल हिंदू देवी दुर्गा को खलनायक मानते हैं और इनकी बजाय महिषासुर की पूजा करते हैं।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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