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झांकी : हो गया खेला

  • अजय भट्टाचार्य

हो गया खेला
आखिर बिहार में खेला हो गया। बिहार में राजग सरकार बरकरार रखने की कोशिश में कल सुबह गृहमंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार से फोन पर बात की, मगर जदयू सुप्रीमो के तेवर ढीले नहीं पड़े। इससे पहले सोमवार को नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन, रविशंकर प्रसाद,केंद्रीय  गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, नितिन नवीन और सतीश चंद्र दुबे भी दिल्ली पहुंच गए थे। शाहनवाज हुसैन और रविशंकर प्रसाद की नीतीश कुमार से अच्छी बनती भी है। बिहार में सत्ता बचाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह के अलावा धर्मेंद्र प्रधान और जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा के तमाम शीर्ष नेता नीतीश कुमार के संपर्क में थे, ताकि इस स्थिति से उबरा जा सके और गठबंधन को बचाया जा सके। मगर यह सभी प्रयास अंतत: निरर्थक साबित हुए। जेपी नड्डा ने कहा था कि सभी क्षेत्रीय पार्टियों का सफाया हो जाएगा। इससे नीतीश वास्तव में नाराज हो गए थे। पार्टी विधायकों और सांसदों की बैठक के बाद जदयू ने राजग से अलग होने का फैसला लिया। इन सभी घटनाक्रमों के बीच सिंगापुर में रह रही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के ट्वीट ने सबका ध्यान खींचा। रोहिणी ने लिखा, `राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं लालटेन धारी।’
बोम्मई की विदाई जल्द…!
कर्नाटक में भाजपा चुनाव से पहले सरकार में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर सकती है। स्वतंत्रता दिवस के बाद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की छुट्टी हो सकती है। पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मुलाकात की थी और कहा जाता है कि उन्होंने हाल के घटनाक्रम, संगठनात्मक मामलों, सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों और चुनाव की तैयारियों के बारे में चर्चा की थी। शाह की यात्रा के बाद से यह अटकलें और तेज हो गई हैं। तुमकुरु के पूर्व विधायक सुरेश गौडा की मानें तो जल्दी ही हाई कमान मुख्यमंत्री बदल सकते हैं और अन्य कई मामलों में परिवर्तन कर सकते हैं। भाजपा में चुनाव से छह, आठ और दस महीने पहले भी मुख्यमंत्री को बदला गया है। अपने गृह जिले दक्षिण कन्नड़ में कई विवादों को प्रबंधित करने में विफल रहे भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कतील से पार्टी आलाकमान खुश नहीं है। दक्षिण कन्नड़ में हाल ही में सांप्रदायिक तनाव के बाद भाजपा अलर्ट मोड पर है।
शाह का अनुचित स्वागत
केंद्रीय  गृहमंत्री अमित शाह रविवार-सोमवार दो दिवसीय यात्रा पर ओडिशा में थे। भुवनेश्वर और कटक में कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए रविवार रात एक विशेष उड़ान में बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनके स्वागत के लिए भाजपा नेता तो मौजूद थे मगर राज्य सरकार का न तो कोई कारिंदा और न तो राज्य मंत्री (गृह), अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और न ही पुलिस महानिदेशक उनका स्वागत करने के लिए पहुंचे थे। अब इस बात पर भुवनेश्वर की सांसद व भाजपा प्रवक्ता अपराजिता सारंगी पिनक गई हैं। सारंगी ने अमित शाह के राज्य की राजधानी पहुंचने पर उनके `अनुचित स्वागत’ पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पत्र लिखकर इस संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की है। सारंगी यह देखकर भी हैरान थीं कि भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाई अड्डे और लिंगराज मंदिर आगमन पर मौजूद नहीं थे। यह अलग बात है कि अन्य कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक उनके साथ मंच पर थे।
पार्थ का नया पता
पार्थ चटर्जी का वर्तमान पता प्रेसिडेंसी जेल का सेल ब्लॉक है। इस सेल में कंबल और टेबल फैन की हवा होती है। राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को अगले १४ दिनों तक यहां रहना है। कोर्ट से उनके बारे में जब यह  फैसला आया था तो वे बेहद शांत दिखे और उन्होंने बिना सोचे समझे मान लिया है। कोर्ट रूम से बाहर निकलने के बाद उन्होंने सिर झुकाए रखा। इसके बाद कोर्ट की लिफ्ट की ओर बढ़ गए। इस दौरान तृणमूल का एक कार्यकर्ता आया और बोला दादा हम आपके साथ हैं। जगन्नाथ आपकी रक्षा करेंगे। तृणमूल के पूर्व महासचिव बोले कि भगवान जगन्नाथ कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बाद पार्थ को कोर्ट से प्रेसिडेंसी जेल ले जाया गया। जेलर ने मेटल डिटेक्टर से जांच के दौरान उनसे पूछा था कि क्या उनके पास कुछ है, इस पर उन्होंने कहा था कि और इस जीवन में क्या रखा है? शुक्रवार को ईडी की विशेष अदालत ने पार्थ को जेल हिरासत में भेज दिया था।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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