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झांकी : मिथुन ही जानें

  • अजय भट्टाचार्य

मिथुन ही जानें
बीते दिनों जब मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि तृणमूल के ३८ विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और सीधे तौर पर २१ विधायक उनके संपर्क में हैं, तब विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने साफतौर पर कहा कि इस बारे में वे कुछ नहीं जानते हैं। उन्होंने (मिथुन ने) कहा है तो वही जिम्मेदारी लेंगे। अधिकारी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश भाजपा में कोई एकता नहीं है। पार्टी के अंदर की दरार और चौड़ी हो गई है। एक ओर हेस्टिंग्स में सतीश धोंड और दूसरी ओर रुद्रनील घोष को लेकर मिथुन ने संवाददाता सम्मेलन किया। लगभग उसी समय अकेले राजभवन में अस्थायी राज्यपाल एल. गणेशन से मिलने के लिए सुवेंदु अधिकारी राजभवन गए थे। राजभवन से निकलकर मिथुन के दावे पर अधिकारी ने कहा, ‘किसने कहा है? मैं ऐसा कुछ नहीं जानता।’
भाजपा छोड़ी तो ईडी का प्रेमपत्र
भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए एक विधायक को प्रवर्तन निदेशालय का प्रेमपत्र मिला है। उनकी कंपनी और कोलकाता स्थित दो चैनलों के बीच संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर उक्त कार्रवाई की गई है। यह कसरत उस वक्त सामने आई है, जब निलंबित तृणमूल मंत्री पार्थ चटर्जी के सहयोगी से ईडी ने करोड़ों बरामद किए हैं। विधायक कृष्णा कल्याणी को केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा किसी भी समय तलब किया जा सकता है। २००२ में स्थापित एक खाद्य निर्माण फर्म कल्याणी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कल्याणी ने भाजपा की टिकट पर २०२१ का विधानसभा चुनाव लड़ा था। बाद में वे तृणमूल में शामिल हो गए। विधायक की कंपनी का कोलकाता के दो चैनलों के साथ वित्तीय लेन-देन जांच के दायरे में है।
कर्नाटक कांग्रेस में खींचतान
कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के सत्ता में आने की स्थिति में ‘मुख्यमंत्री कौन होगा’ को लेकर पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खेमों के बीच खींचतान जारी है। पार्टी विधायक बी जेड जमीर अहमद खान के अनुसार राज्य के लोग अगले मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धरमैया को देखना चाहते हैं तो प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि सभी को किसी व्यक्ति की पूजा करने की बजाय पार्टी को सत्ता में लाने के लिए काम करना चाहिए। इस पर विधायक ने फिर डीके शिवकुमार पर पलटवार करते हुए कहा, ‘यह कहना मेरी राय है कि सिद्धारमैया को अगला मुख्यमंत्री होना चाहिए।’ विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की लड़ाई दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है। परसों ‘सिद्धारमैया-७५ अमृत महोत्सव’ है और तब यह जुबानी जंग तेज होती जा रही है। सिद्धारमैया के कांग्रेस नेता और समर्थक ३ अगस्त को दावणगेरे में सिद्धारमैया-७५ अमृत महोत्सव का आयोजन करेंगे। यह भी एक रहस्य है कि राजनीति में ५० साल से अधिक समय बिताने वाले सिद्धारमैया ने इससे पहले कभी भी अपना जन्मदिन नहीं मनाया है।
पनीरसेल्वम मोदी शरणं…!
लगभग दो-फाड़ हो चुकी अन्नाद्रमुक के ओ. पनीरसेल्वम गुट खेमे ने अंतत: भाजपा के सामने घुटने टेक दिए हैं। पिछले सप्ताह कांचीपुरम में अन्नाद्रमुक के बागी नेता ओ. पनीरसेल्वम खेमे ने प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर वाला होर्डिंग लगाकर मोदी शरणं गच्छामि की अपरोक्ष मुनादी कर दी है। पनीरसेल्वम खेमा `पार्टी पदों’ पर नई नियुक्तियां कर रहा है और होर्डिंग यहां नई नियुक्तियों के समर्थकों द्वारा प्रचार की पहल है। होर्डिंग के बीच में पनीरसेल्वम की एक मुस्कुराती, चमकीली छवि प्रमुखता से दिखाई दे रही है। हालांकि तमिलनाडु के राजनीतिक प्रहसन में मोदी और शाह की तस्वीरों ने कई लोगों को चौंका दिया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि अन्नाद्रमुक में पनीरसेल्वम के खोए हुए महत्व को फिर से हासिल करने की उनका खेमा पूरी कोशिश कर रहा है। वे कहते हैं कि शीर्ष दो राष्ट्रीय नेताओं के साथ बेहतर निकटता का अनुमान लगाने से अधिक लाभ हो सकता है, जबकि अन्नाद्रमुक के अंतरिम महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के भी मोदी और शाह के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)

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