मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : कुशवाहा की नई खिचड़ी...!

झांकी : कुशवाहा की नई खिचड़ी…!

  • अजय भट्टाचार्य

कुशवाहा की नई खिचड़ी…!
कभी यदुवंशियों के दूध और कुशवंशियों के चावल से खीर बनाने की बात कहने वाले उपेंद्र कुशवाहा क्या कोई नई खिचड़ी पकाने में लगे हैं? दिल्‍ली के एम्‍स में भर्ती कुशवाहा से हाल ही में बिहार भाजपा के कुछ नेताओं से मुलाकात के बाद से कुशवाहा के जदयू छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा नेताओं में पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल, संजय सिंह टाइगर और यागेंद्र पासवान की तस्‍वीर सामने आने के बाद बिहार में नए समीकरणों के कयास लगने लगे हैं। इनमें तड़का तब लगा जब भाजपा प्रवक्‍ता अरविंद कुमार ने हाल ही में कहा कि उपेंद्र कुशवाहा राजग की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वे अलग पार्टी में शामिल हैं लेकिन दिल अभी भी हमारे साथ है। विकास और राष्‍ट्रवाद की राजनीति करनेवाले सभी नेताओं का पार्टी में स्‍वागत है। इधर बिहार के मुख्‍यमंत्री और जदयू के नेता नीतिश कुमार ने कुशवाहा की भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। नीतिश कुमार ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा से कह दीजिए कि हमसे बतिया लीजिए। वो दो-तीन बार छोड़कर गए और फिर वापस आए। उनकी क्या इच्छा है? हमें नहीं मालूम। अभी उनकी तबीयत खराब है, हालचाल ले लेंगे।
डाक्यूमेंट्री का डर
प्रेस की आजादी की बात करनेवाली दिल्लीशाही बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री से इतनी डर गई है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने `इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ के पहले एपिसोड के यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले ५० से अधिक ट्वीट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। बीते सप्ताहांत सूचना एवं प्रसारण सचिव की ओर से आईटी अधिनियम, २०२१ के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए निर्देश जारी किए गए। इसके बाद यूट्यूब और ट्वीटर ने इन निर्देशों का अनुपालन किया है। ब्रिटेन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) द्वारा बनाई गई इस डाक्यूमेंट्री को भारतीय विदेश मंत्रालय ने निष्पक्षता के अभाव वाले और औपनिवेशिकता के नजरिए को दर्शाने वाले एक `प्रोपोगंडा का हिस्सा’ बताया था। मंत्रालय ने कहा कि बीबीसी ने इसे हिंदुस्थान में उपलब्ध नहीं कराया। कुछ यूट्यूब चैनल ने इसे अपलोड किया। ऐसा लगता है कि हिंदुस्थान विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए इसे अपलोड किया गया है। विदेश मंत्रालय सहित गृह और सूचना प्रसारण मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट्री की जांच की और पाया कि यह फिल्म आक्षेप लगाने का प्रयास है। यह देश के सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार और विश्वसनीयता पर आक्षेप लगाने वाली है। यह विभिन्न भारतीय समुदायों के बीच विभाजन करनेवाली और हिंदुस्थान में विदेशी सरकारों के कार्यों के बारे में निराधार आरोप लगानेवाली है।
मील पर गुरुजी सील
उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित शिक्षा क्षेत्र बैरिया के हेमंतपुर दुर्जनपुर कम्पोजिट विद्यालय का एक वीडियो पिछले तीन दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें छात्रों द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर दरवाजे में ताला लगा दिया। वीडियो में कक्षा ८ में पढ़नेवाला छात्र धीरज बता रहा है कि कोविड काल में मिलनेवाले मध्याह्न भोजन के पैसे अभी तक किसी भी छात्र को नहीं मिले हैं। इस मामले की शिकायत कई बार प्रधानाध्यापक से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण प्रधानाध्यापक के साथ अन्य शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद किया गया। वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापक जयप्रकाश यादव का यह बयान भी सुनाई दे रहा है कि चौथे चरण का मिड डे मील का बच्चों का पैसा नहीं मिलने के कारण सभी अध्यापकों को छात्रों ने ताले में बंद कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मिश्रा को अगले दिन इसकी जानकारी हुई और वे स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। कोविड काल के चौथे चरण की मिड डे मील योजना की धनराशि खाते में स्थानांतरित नहीं करने का मामला गंभीर है। इस मामले में जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, प्रधानाध्यापक जयप्रकाश यादव द्वारा छात्रों को मनाने के बाद छात्रों ने ताला खोलकर शिक्षकों को छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी है। बैरिया के उप जिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने घटना से अनभिज्ञता जताई है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)

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