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झांकी : उम्मीदवारों का टोटा

  • अजय भट्टाचार्य

उम्मीदवारों का टोटा
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक मॉडल को बंगाल में भाजपा ने हड़प लिया है और राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों में हर पंचायत क्षेत्र में एक अस्पताल बनाने का शिगूफा उछाल दिया है। फच्चर यह है कि प्रदेश में कमजोर संगठन के चलते राज्य के सभी बूथों पर उम्मीदवार मिलने में ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि दर्जन भर संकल्प पत्र प्रकाशित करने का निर्णय भाजपा ने लिया है। ‘स्वच्छ व दुर्नीतिमुक्त’ पंचायत के साथ ही प्रति पंचायत में चिकित्सा केंद्र बनाने का आश्वासन प्रदेश भाजपा दे सकती है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही राज्य में भाजपा का संगठन लगातार कमजोर होता जा रहा है। दिल्ली से कई बार केंद्रीय नेताओं का बंगाल दौरा होने के बावजूद संगठन की कमजोरी दूर नहीं हो पा रही है। काफी संख्या में नेता व कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं या फिर पूरी तरह निष्क्रिय बैठ गए हैं। इन निष्क्रिय नेताओं व कार्यकर्ताओं को मौजूदा नेतृत्व सक्रिय नहीं कर पा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में कई बैठकों के बावजूद प्रदेश भाजपा सभी सीटों पर उम्मीदवार ढूंढ़ने में ही चिंतित है। पंचायत चुनाव में लगभग एक लाख उम्मीदवार चाहिए जो भाजपा के पास नहीं हैं। इस बीच आसनसोल के १०३ नंबर वॉर्ड के भाजपा पार्षद तारकनाथ धीवर मंत्री मलय घटक के हाथों तृणमूल का झंडा थामकर तृणमूल में शामिल हो गए हैं।
चुनाव में महंगी हुई शराब
एक तरफ शादियों का मौसम और दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव के चलते गुजरात में शराब की मांग बढ़ गई है। नतीजा यह है कि अमदाबाद में शराब तस्करों ने कीमतों में २५ से ३० फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। आमतौर पर सर्दियों और शादियों के मौसम में व्हिस्की, रम और वोदका की मांग बढ़ जाती है। इस साल दिसंबर की शुरुआत में चुनाव होने के कारण पिछले एक सप्ताह में शहर में पुलिस की चौकसी नाटकीय रूप से बढ़ गई है। इसलिए राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा से अवैध शराब की तस्करी करने वाले ज्यादातर शराब तस्कर भूमिगत हो गए हैं। जो अभी भी जोखिम उठाकर शराब की आपूर्ति कर रहे हैं, वे अपने `नियमित’ ग्राहकों से ५० फीसदी ज्यादा प्रीमियम राशि की मांग कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अवैध शराब पर सरकारी लाइसेंसी शराब दुकानों में उपलब्ध शराब के दाम बराबर हैं। कुछ लोग आधिकारिक तौर पर शराब खरीदने के लिए शराब परमिट रखनेवालों से जुगाड़ कर रहे हैं। मतदान और मतगणना वाले दिन उनकी दुकानें बंद रहेंगी। अटकलें हैं कि सरकार तीन दिनों के बजाय १ से ४ दिसंबर तक शराब की दुकानों को बंद करने की अधिसूचना ला सकती है।
फिर बारी की बारी
अब्दुल बारी सिद्दीकी की दो बार दिल्ली यात्रा के बाद बिहार राजद में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि बारी की एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो सकती है। खबर है कि पार्टी के सर्वेसर्वा लालू प्रसाद यादव ने उनके नाम को हरी झंडी दी है। साथ ही ही कानाफूसी भी परवान चढ़ रही है कि वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष जगदानंद सिंह ने लालू प्रसाद को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी इससे पहले २००३ से लेकर साल २०१० तक ७ साल प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में २००४ के लोकसभा चुनाव में राजद ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था, जबकि २००९ लोकसभा चुनाव में राजद का प्रदर्शन काफी खराब रहा। जगदानंद सिंह अपने बेटे सुधाकर सिंह के बिहार सरकार के मंत्रालय से इस्तीफा देने के बाद से नाराज चल रहे हैं। फिलहाल जगदानंद सिंह की तरफ से इस मामले में कोई बयान नहीं आया है लेकिन जिस तरह से पिछले एक महीने में वे राजद कार्यालय कभी नहीं पहुंचे, उससे साफ है कि जगदानंद सिंह ने पद से हटने का मन बना लिया है। गोपालगंज चुनाव परिणाम आने के बाद राजद द्वारा मुस्लिम वोटर को लुभाने के लिए सिद्दीकी की ताजपोशी की संभावना बढ़ गई है। लालगंज में ओवैसी की पार्टी को १० हजार से अधिक वोट मिलने के कारण राजद का उम्मीदवार दो हजार वोटों से हार गया था।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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