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झांकी : मेवानी से परेशानी

  • अजय भट्टाचार्य

मेवानी से परेशानी
गुजरात कांग्रेस में जिग्नेश मेवानी के बढ़ते कद से पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं। उनका कहना है कि जिग्नेश मेवानी का कद इस तथ्य के बावजूद बढ़ाया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के लिए अभी तक कुछ नहीं किया है। इसके अलावा राहुल गांधी द्वारा जिग्नेश मेवानी को दी जा रही तरजीह से भी प्रदेश पार्टी के नेता नाराज हैं। नतीजा यह है कि चुनाव से पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता पार्टी को अलविदा कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकते हैं। पूर्व गृह मंत्री नरेश रावल और पूर्व सांसद साजू परमार ने पार्टी आलाकमान को अपने इस्तीफे  भेज दिए हैं। नरेश रावल और साजू परमार १७ अगस्त को एक सार्वजनिक समारोह में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। रावल राज्य के पूर्व उद्योग मंत्री और २००२ के दंगों के दौरान गुजरात विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता भी थे। नरेश रावत ४० साल तक कांग्रेस में रहे और बीते दिनों उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया। रावल कांग्रेस से अपने असंतोष के कारण आनेवाले दिनों में मीडिया से साझा करेंगे। पूर्व राज्यसभा सांसद राजू परमार फिलहाल इस्तीफे का कारण बताने से बच रहे हैं।
पटनायक का टैटू पैâन
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सादगी का हर कोई दीवाना है। उनकी कार्यशैली हो या राज्य में विभिन्न सरकारी योजनाएं हर कोई उनसे प्रभावित है मगर नवीन पटनायक का एक ऐसा भी फैन है, जिसने नवीन पटनायक के नाम, उनके चेहरे को अपने पूरे शरीर में टैटू के रूप में अंकित करवा दिया है। भुवनेश्वर के रहने वाले १२वीं पास खगेश्वर ३८ साल के हैं और नवीन पटनायक के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छह टैटू बनवाए हैं। अब उनकी इच्छा पूरी बॉडी में पटनायक की टैटू बनवाने की है। खगेश्वर हर उस जगह नवीन पटनायक से मिलने जाते हैं, जहां उनका दौरा होता है इसलिए पिछले दिनों नवीन पटनायक के दिल्ली दौरे से पहले ही खगेश्वर राजधानी पहुंच चुके थे।
पार्थ पर बरसी बैसाखी
एसएससी घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को लेकर तृणमूल कांग्रेस की पूर्व नेता बैसाखी बनर्जी ने कई खुलासे किए हैं। बैसाखी ने कहा कि पार्थ चटर्जी अपने ऊपर किसी को नहीं मानते थे, यहां तक कि ममता बनर्जी को भी नहीं। हर पद को बेचा जा रहा था। पार्थ की शह से ऐसे लोग जो स्कूल में पढ़ाने के काबिल नहीं थे, वे विश्वविद्यालय में पढ़ाने लग गए थे। बैसाखी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दुखद है कि उन्होंने (पार्थ चटर्जी) मुझे यह कह कर राजनीति में लाया था कि यहां भ्रष्टाचार है अगर आपके जैसे अच्छे परिवार से कोई आएंगे तो वे राजनीति में पैसों के लिए नहीं बल्कि पैशन के लिए आएंगे। जब मैंने काम करना शुरू किया तो देखा कि हम शिक्षक नेता कम रह गए बल्कि एक शैक्षिक माफिया बन गए थे। हर पद को बेचा जा रहा था, कुछ नेताओं की जीवन शैली बदल रही थी, वे बिसलेरी पानी से चेहरा धोते थे।
रास्ता भटकी रेल
‘जाना था जापान पहुंच गए चीन’ एक गीत का मुखड़ा हो सकता है मगर जब रेलगाड़ी को गलत रास्ते पर मोड़ दिया जाए तो समस्तीपुर जानेवाली गाड़ी हाजीपुर भी जा सकती है। बिहार में ऐसे छोटे-मोटे चमत्कार आम बात है। अमरनाथ एक्सप्रेस को समस्तीपुर जाना था, लेकिन उसे हाजीपुर की ओर भेज दिया गया। स्टेशन से २ किलोमीटर आगे जाने के बाद ड्राइवर को रूट गलत लगा, तब उसने गाड़ी को रोककर स्टेशन मास्टर से बातचीत की, तो बड़ी गलती का एहसास हुआ। सोनपुर रेल मंडल के बछवारा जंक्शन पर कार्यरत सहायक स्टेशन मास्टर की लापरवाही से अमरनाथ एक्सप्रेस की दिशा बदल गई लेकिन चालक की सूझ-बूझ के कारण बड़ा हादसा होते-होते बच गया। घटना के बाद बछवारा जंक्शन पर कार्यरत रेलकर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बनना ही था। घटना बीते गुरुवार की है जब १५६५३ अमरनाथ एक्सप्रेस सुबह गुवाहाटी से चलकर जम्मू तवी की ओर जा रही थी। इसे बरौनी रेलवे जंक्शन से बछवाड़ा रेलवे स्टेशन के रास्ते समस्तीपुर होते हुए जम्मूतवी जाना था। बछवारा जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक की लापरवाही के कारण ट्रेन विद्यापतिनगर हाजीपुर लाइन पर चली गई।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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