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बुजुर्गों और बच्चों को जेएन.१ दे रहा टेंशन!

सामना संवाददाता / मुंबई

देश में तेजी से बढ़ रहे नए वैरिएंट के केस
१२ से अधिक राज्यों में रखा कदम

इस तरह करें बच्चों की सुरक्षा

बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए स्वच्छता उपायों का पालन करें। माता-पिता को बच्चों को वायरस के बारे में शिक्षित करना चाहिए और इसके प्रसार को रोकने के लिए उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। मास्क पहनने के साथ ही नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बच्चों को कोरोना के संभावित खतरे से बचाने के लिए उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न ले जाएं, स्कूल जाते समय मास्क पहनने और हाथों की साफ-सफाई पर ध्यान देने की सलाह देते रहें।

हिंदुस्थान में एक बार फिर से कोरोना कहर मचाने की कोशिश में है। देश में रोजाना ५०० से ८०० के बीच नए मरीज मिल रहे हैं। साथ ही कई मरीजों की मौत भी हो रही है। इसी में नया वैरिएंट जेएन.१ भी देश के १२ से अधिक राज्यों में कदम रख चुका है, जो स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ाए हुए है। इस वैरिएंट के मरीजों की संख्या में भी रोजाना इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, यह सब वैरिएंट सबसे ज्यादा खतरनाक बुजुर्गों और बच्चों के लिए माना जा रहा है। ऐसे में बुजुर्गों व बच्चों के संबंध में सावधानी बरतने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि चीन से शुरू हुई कोरोना महामारी अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी में जेएन.१ वैरिएंट दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। यह सब वैरिएंट पिछले एक से डेढ़ महीने में सिंगापुर, अमेरिका और हिंदुस्थान सहित कई देशों में फैल गया है। वर्तमान में पाए गए नए कोरोना मरीजों में जेएन.१ सब वैरिएंट के मरीज सबसे ज्यादा हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नवंबर में जेएन.१ वैरिएंट की व्यापकता दर सिर्फ सात प्रतिशत थी, जो दिसंबर के मध्य तक बढ़कर ४४ प्रतिशत से अधिक हो गई, जिससे वायरस की एक और लहर की आशंका बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों को जेएन.१ सब वैरिएंट से संक्रमण का खतरा अधिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अध्ययनों से अभी तक यह निर्धारित नहीं हुआ है कि वर्तमान टीकाकरण इस नए वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह से रक्षा करता है या नहीं। यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना वैक्सीन जेएन.१ वैरिएंट के खिलाफ कितनी प्रभावी है। इसलिए नागरिकों को सावधानीपूर्वक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले अन्य लोगों सहित सभी से खुद को संक्रमण से बचाने का आग्रह कर रहे हैं।

बहुत अधिक है संक्रमण दर

कोरोना के सबसे खतरनाक ओमायक्रॉन का नया सब वैरिएंट जेएन.१ है, जो चिंता बढ़ा रहा है। ओमायक्रॉन और इसके सभी सब-वैरिएंट की संक्रमण दर बहुत अधिक है। अध्ययनों से पता चला है कि वायरस अधिक शक्तिशाली बनने के लिए समय के साथ खुद को परिवर्तित करता है। ओमायक्रॉन वायरस के सभी सब वैरिएंट रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को कम करके संक्रमण को आसानी से बढ़ा सकते हैं। इससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा पैदा हो गया है।

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