मुख्यपृष्ठसमाचारयूपी में अफसरशाही की आफत... जेसीबी के आगे लेटे जज!

यूपी में अफसरशाही की आफत… जेसीबी के आगे लेटे जज!

-निजी जमीन में जबरन नहर बनवा रहा प्रशासन
-न्याय देनेवाला न्याय के लिए लड़ रहा लड़ाई
विक्रम सिंह / बस्ती। यूपी में बेलगाम अफसरशाही लोगों पर आफत बन गई है। राज्य में लालफीताशाही का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सुल्तानपुर जिले में तैनात अपर जिला जज को बस्ती जिले की हरैय्या तहसील अंतर्गत पैतृक गांव के अपने खेत में जबरन खोदी जा रही नहर को रुकवाने के लिए जेसीबी के आगे जमीन पर लेटना पड़ गया। इस घटनाक्रम से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। लोगों को न्याय देनेवाला व्यक्ति न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहा है। जेसीबी के सामने लेटे एडीजे (अपर जिला जज) को मनाने के लिए मौके पर अफसरों का तांता लगा हुआ है। वाकया बुधवार की रात का है।
मिली जानकारी के अनुसार, हरैय्या-रजबहा नहर की लगभग २८.५ कि.मी. खुदाई हो चुकी थी। सिर्फ जगदीश प्रसाद शुक्ल की जमीन पर खुदाई बाकी थी। वे अपनी जमीन नहीं देना चाह रहे थे। जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को इस बाबत पत्र लिखकर वे अपना विरोध भी जता चुके हैं। इसके बावजूद नहर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को ठेकेदार जय मंगल सिंह के साथ मौके पर उनकी जमीन में खुदाई शुरू करवा दी। इसका विरोध कर रहे शुक्ल के परिजनों मयंक और योगेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसी बीच छुट्टी लेकर घर आए शुक्ल के पुत्र अपर जिला जज मनोज कुमार शुक्ल मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने खुदाई करानेवालों को रोकना चाहा लेकिन जेसीबी चालक नहीं रुका। इस पर अपर जिला जज कोट-पैंट और टाई पहने जेसीबी के आगे पसर गए। उन्होंने जिलाधिकारी पर जबरदस्ती नियम के खिलाफ उनकी जमीन में नहर खुदवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक खोदी जमीन पाटी नहीं जाएगी, वे जमीन पर ही लेटे रहेंगे। इससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। रात में करीब दस बजे तक एसडीएम सदर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृत पाल कौर, नहर विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह, सहायक अभियंता राज कुमार आजाद व अवर अभियंता पवन कुमार सहित तमाम अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अफसरों की टीम अपर जिला जज को मनाने का प्रयास करती रही।
मुआवजा नहीं ले रहे एडीजे
नहर विभाग के अधिकारी ने बताया कि एडीजे का लगभग ३४ लाख रुपए मुआवजा बना है। एसएलओ ऑफिस बस्ती से उन्हें कहा गया है लेकिन वे इसे नहीं ले रहे हैं। साथ ही अपर जिला जज का कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे। जिलाधिकारी नियम के खिलाफ जबरन उनकी जमीन से नहर निकलवाना चाह रही हैं।

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