मुख्यपृष्ठसमाचारबस तो बस मीटर भी बेस्ट!

बस तो बस मीटर भी बेस्ट!

सामना संवाददाता / मुंबई
‘बेस्ट’ की बसें मुंबई की सेकेंड लाइफलाइन मानी जाती हैं। क्योंकि उपनगरीय लोकल के बाद बेस्ट (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) बस का सफर मुंबईकरों के लिए सुविधा का सुलभ साधन होने के साथ ही इसका किराया भी किफायती है। बेस्ट की बसें सफर के मामले में बेस्ट हैं ही, अब ‘बेस्ट’ का मीटर भी बेस्ट होगा। दरअसल रीडिंग की स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब बिजली वितरण में होगा। बेस्ट ने अपने सभी बिजली ग्राहकों के पारंपरिक मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का फैसला  किया है।
बेस्ट प्रशासन के मुताबिक यह परियोजना दो साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसकी खासियत यह है कि स्मार्ट मीटरिंग के साथ ही उपभोक्ता ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में अपनी बिजली की खपत को देख सकेंगे और गैजेट्स को अपने घर या कार्यालय में दूरस्थ रूप से संचालित भी कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं को होगा लाभ
बेस्ट बिजली उपभोक्ताओं को आपूर्ति में रुकावट के समय के संबंध में भी लाभ होगा और स्मार्ट मीटर के साथ उनकी खपत पर बेहतर नियंत्रण होगा। बेस्ट ने स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक पर लागू करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत उपभोक्ताओं को ६ महीने की अवधि के भीतर एक ऐप उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष में मीटर की प्रतिस्थापन भी शुरू हो जाएगा, जो कि अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
मिलेगा अलर्ट
बिजली की आपूर्ति बंद होने की स्थिति में उपभोक्ता का स्मार्ट मीटर तुरंत बेस्ट वितरण प्रणाली के सर्वर को अलर्ट करेगा और उपभोक्ता को एक एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिल जाएगी। एसएमएस में विफलता के प्रकार के आधार पर बहाली का समय भी सूचित किया जाएगा। इसके अलावा उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगने के बाद जब चाहें मोबाइल ऐप पर अपनी लाइव खपत की निगरानी कर सकेंगे।
बिजली खपत का मिलेगा अपडेट
स्मार्ट मीटर की मदद से एनर्जी अकाउंटिंग भी की जा सकती है। इन उपयोगिता मीटरों के ऑनलाइन डेटा से यह पता लगाया जा सकता है कि किस क्षेत्र में बिजली चोरी हो रही है, जिसके कारण तत्काल विजिलेंस छापेमारी की जा सकती है, जिससे ऊर्जा की बचत हो सके।

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