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शामली से गिरफ्तार कलीम बोला- भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए दंगा कराना चाहती है आईएसआई, जेहाद फैलाने की कर रहा है तैयारी!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
शामली से गिरफ्तार कलीम और उसका भाई तहसीम पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से मिलकर देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे। शामली शहर के नौकुआं रोड निवासी नफीस, उसकी पत्नी अमीना और पुत्र कलीम को छह दिन पहले पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया था। पुलिस-प्रशासन की टीम तीनों को अमृतसर के बाघा बॉर्डर से लेकर शामली पहुंची थी और उनके घर छोड़ दिया था। तीनों को पिछले साल जुलाई २०२२ में पाकिस्तान की कस्टम टीम ने गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के निरीक्षक की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम व युसूफ समसी निवासी तेलीय वाला चौक आली सहारनपुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि यूपी का एक गिरोह पाकिस्तान आतंकी संगठन से मिलकर एक आपराधिक षडयंत्र के तहत अवैध हथियारों को एकत्र कर भारत देश की एकता, अखंडता, सम्प्रभुता, सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने व भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को क्षति पहुंचाने के लिए बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। कलीम ने पूछताछ में खुद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने की बात स्वीकार की है। इनके पास से दो मोबाइल, व्हाट्सऐप चैट की पांच पेज छायाप्रति और पांच पेज उर्दू भाषा में लिखे प्रिंटेड पेपर की छायाप्रति बरामद हुई है।
एसटीएफ के एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि व्हाट्सऐप द्वारा भारत की सुरक्षा संबंधी स्थलों के फोटोग्राफ, रॉफेल जहाज व सैनिकों की तैनाती के स्थल से जुड़ा मैसेज पाकिस्तान में आईएसआई व आतंकी संगठनों को भेजते हैं। इन मोबाइल नंबरों का आईपी एड्रेस पाकिस्तान के लाहौर शहर का है। कलीम ने बताया कि वह पांच भाई हैं और वह तीसरे नंबर का है। सभी भाइयों की शादी हो चुकी है। वह अविवाहित है। उसके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं, जिनसे मिलने के लिए काफी समय से वह पाकिस्तान आता-जाता रहता है। पाकिस्तान जाने के दौरान उसकी आईएसआई के कुछ लोगों व हैंडलर से जान-पहचान हो गई थी। उन्होंने कलीम को पैसों का लालच देकर कहा कि तुम्हें भारत में जेहाद फैलाने के लिए असलहा व गोला-बारूद दिया जाएगा। भारत में सौहार्द बिगाड़ने के लिए अपने लोगों को तैयार करो तथा देश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर दंगा-फसाद कर विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम दिलाओ, ताकि भारत में शरीयत कानून के तहत नए सिस्टम को स्थापित कर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाया जा सके।
इसके लिए कलीम को फर्जी आईडी पर एक सिम दिलाया गया। इस मोबाइल नंबर का व्हाटसऐप पाकिस्तान में आईएसआई ओपरेटिव आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज के मोबाइल फोन पर एक्टीवेट कराया था। उसका भाई तहसीम उर्फ तासीम भारत से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संचालित आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज से व्हाट्सऐप पर वार्ता करता था। भारतीय सेना के सुरक्षा स्थल की फोटो व्हाट्सऐप पर भेजता था। राजस्थान में अनूपगढ़ में भारतीय सेना के सुरक्षा बल के जवानों की फोटोग्राफ भी भेजता था। भारतीय सेना के राफेल विमान के फोटोग्राफ से संबंधित समाचार पत्र का फोटोग्राफ भी भेजा था। गिरफ्तार कलीम के खिलाफ शामली के कोतवाली थाने में आईपीसी की धारा ४२०,१२१ए, १५३ए, २९५ए एवं १३/१८ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम १९६७ के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। कलीम के मोहल्ले की महिला हमीदा भी पाकिस्तान में आतंकवादी इकबाल काना से शादी कर चुकी है। कलीम का भाई तहसीम नकली नोट के मामले में फरार चल रहा है। वह पंजाब के लुधियाना में हथियार सप्लाई के मामले में भी फरार चल रहा है। कलीम हाल में पाकिस्तान से आया है। वह वहां पर १३ महीने जेल में रहा। उसे कस्टम विभाग ने पकड़ने के बाद जेल भेजा था। कलीम के पास से एसटीएफ को दो मोबाइल, पांच वर्क व्हाट्सऐप चैट मैसेज व फोटोग्राफ की छायाप्रति, वर्क उर्दू भाषा के लिखे प्रिंटेड पेपर की छायाप्रति, हिंदी अनुवाद पेपर बरामद हुए हैं।

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