मुख्यपृष्ठनए समाचारवेदांता की राह पर `फोन पे' ...मुंबई का मुख्यालय जाएगा कर्नाटक

वेदांता की राह पर `फोन पे’ …मुंबई का मुख्यालय जाएगा कर्नाटक

• ईडी सरकार है जिम्मेदार
• भाई जगताप का आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
शिंदे-फडणवीस यानी ‘ईडी’ सरकार की लापरवाही की वजह से महाराष्ट्र में आनेवाली वेदांता-फॉक्सकॉन और बल्क ड्रग पार्क जैसी परियोजनाएं दूसरे राज्यों में चली गई हैं। इसके बाद अब फोन पे ने भी अपना मुख्यालय मुंबई से कर्नाटक स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है, इसके लिए संपूर्ण रूप से ‘ईडी’ सरकार जिम्मेदार है, यह गंभीर आरोप मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने लगाया।
वेदांता-फॉक्सकॉन जैसी महाराष्ट्र में आनेवाली परियोजना के गुजरात में जाने के बाद अब बल्क ड्रग पार्क यह महाराष्ट्र में आनेवाली परियोजना भी कर्नाटक में चली गई है। इसके बाद फोन-पे जैसी नामी कंपनी ने भी अपना मुख्यालय मुंबई से हटाकर कर्नाटक में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है। ये सभी महाराष्ट्र में आनेवाली परियोजनाएं दूसरे राज्यों में चले जाना महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार की लापरवाही का नतीजा है। राज्य के लिए विधायक और जनता के हित की बजाय यह शिंदे-फडणवीस सरकार त्योहारों को मनाने में, बागी विधायकों के कार्यक्षेत्र में बैठक लेने में, शिंदे समूह में अन्य दलों के लोगों को शामिल करने में, अन्य पार्टी के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने में और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहते हुए भी हर हफ्ते दिल्ली की यात्रा करके मोदी-शाह के इशारों पर अपनी सरकार चलाने में व्यस्त हैं इसलिए ये सभी महाराष्ट्र में आनेवाली परियोजनाएं महाराष्ट्र के बाहर अन्य राज्यों में जाने के लिए संपूर्ण रूप से शिंदे-फडणवीस सरकार जिम्मेदार है, ऐसा आरोप भाई जगताप ने लगाया। भाई जगताप ने आगे कहा कि बल्क ड्रग पार्क इस परियोजना के लिए महाविकास आघाड़ी मंत्रिमंडल ने रायगड जिले में ढाई हजार करोड़ की भूमि भी आवंटित की थी। साथ ही अगर यह परियोजना महाराष्ट्र में आ जाती तो लगभग ८० हजार से १ लाख युवाओं को रोजगार मिला होता। हमारे महाराष्ट्र में सैकड़ों फॉर्मेसी कॉलेजेस हैं। जितनी भी नामचीन दवा निर्मिति करनेवाली कंपनियां हैं, उनमें से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में है। ऐसा होते हुए भी शिंदे-फडणवीस सरकार यह परियोजना महाराष्ट्र में लाने में असफल रही, यह बहुत ही शर्म की बात है। जो बात इन परियोजनाओं के मामले में हो रही है, वही बात वर्सोवा-बांद्रा सी-लिंक परियोजना के मामले में घट रही है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले ७ सालों से नगरविकास खाता संभाल रहे हैं। इस वर्सोवा-बांद्रा सी-लिंक परियोजना के विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न पदों की भर्ती के लिए चेन्नई में इंटरव्यू का आयोजन किया है। परियोजना महाराष्ट्र की और इंटरव्यू चेन्नई में यह बात कहां तक सही है? ऐसा सवाल भी भाई जगताप ने उपस्थित किया।

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