मुख्यपृष्ठनए समाचारकेंद्र के खिलाफ केरल सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

केंद्र के खिलाफ केरल सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप का लगाया आरोप

राज्य के वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप करने और राज्य की सकल ऋण सीमा पर सीलिंग लगाए जाने का आरोप लगाते हुए केरल सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि राज्य में वित्त से जुड़े विषयों पर नियम बनाने का एकमात्र, स्वायत्त और पूर्ण अधिकार केवल केरल सरकार को है। इसके लिए संविधान में अधिकार दिए गए हैं। यही नहीं केरल सरकार की तरफ से आरोप लगाया गया है कि मुक्त बाजार सहित सभी स्रोतों से सकल ऋण लेने की क्षमता की सीमा निर्धारित कर केंद्र अनावश्यक हस्तक्षेप करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही यह भी बताया है कि राज्य को बीते वर्षों का २६,२२६ करोड़ का भुगतान इस साल ३१ अक्तूबर तक लंबित हो चुका है। ऋण पर सीलिंग से राज्य पर आए गंभीर वित्तीय संकट को टालने के लिए यह भुगतान तत्काल करना जरूरी है। याचिका के अनुसार, केंद्र की कार्यवाही संविधान में निर्धारित संघीय ढांचे का उल्लंघन करती है। केरल में ऋण पर सीलिंग या ऋण सीमा तय करने के लिए वित्तीय जवाबदेही अधिनियम २००३ बना हुआ है। अगर राज्य जरूरी ऋण नहीं ले सकेगा, तो वित्त वर्ष के लिए निर्धारित योजनाएं पूरी नहीं कर पाएगा।

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