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आदिवासी बच्चों के हाथों में ‘की-बोर्ड’!… ग्रामीण क्षेत्रों में अनोखी पहल

योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर । पालघर के आदिवासी इलाके के इन बच्चों ने कुछ साल पहले तक शायद ही इस बात की उम्‍मीद की हो कि वो सीमित संसाधनों में प्रतिष्ठित संस्‍थानों में जाकर पढ़ाई कर पाएंगे। लेकिन कुछ सपने शायद सच होने के लिए ही होते हैं और इन छात्रों का सपना सच हुआ है। जव्हार तालुका के दाभेरी सरकारी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक आश्रम स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा के बच्चों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस तरह इन आदिवासी बच्चों के हाथों में की-बोर्ड पहुंच गया है।
डॉर्फ केटल कंपनी और नवदृष्टि संस्था की पहल से आश्रम स्कूल के ग्यारहवीं कक्षा के ९ विद्यार्थियों को इस साल एमएससीआईटी (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के लिए रखा गया था। इन ९ में से ४ लड़कियां थीं और ५ लड़के थे। कुल ९ छात्र पास हुए हैं। डॉर्फ कंपनी की कंप्यूटर साक्षरता पहल की सफलता ने छात्रों के बीच कंप्यूटर के उपयोग के प्रति लगाव पैदा कर दिया है। स्कूल पिछले चार साल से डॉर्फ के माध्यम से कंप्यूटर प्रशिक्षण का आयोजन कर रहा है, कंपनी की मदद से स्कूल में एक विशाल और अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब की स्थापना की है। डोरफ केटल और नवदृष्टि स्कूल के छात्रों के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाते हैं। कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम १२वीं के बाद के छात्रों के लिए रोजगार का मार्गदर्शक हो। डॉ. संतोष जगधने, डॉ. टेकाले के साथ-साथ एकीकृत आदिवासी विकास विभाग, जव्हार और डाभेरी आश्रम स्कूल के प्रधानाध्यापक जामनिक, नवदृष्टि संस्था के परियोजना समन्वयक कांबले, कंप्यूटर शिक्षक कुणाल बल्लाल और सभी शिक्षक और स्कूल अधीक्षक का छात्रों को मार्गदर्शन मिला।

ये पाठ्यक्रम और परीक्षा छात्र को कंप्यूटर साक्षर बनाते हैं। चूंकि वर्तमान में सभी कार्य कंप्यूटर पर किए जा रहे हैं, इसलिए यह प्रशिक्षण भविष्य के जीवन में फायदेमंद होगा।  डाभेरी आश्रम स्कूल द्वारा क्रियान्वित गतिविधियों से विद्यार्थियों को लाभ होगा।
-सुनील भुसारा,  विधायक,

डाभेरी जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों में कंप्यूटर प्रशिक्षण देना एक चुनौती है, लेकिन स्कूल स्तर पर छात्रों और शिक्षकों के साथ-साथ स्कूल की भी सराहना करने की आवश्यकता है। छात्रों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। डाभेरी स्कूल की यह सराहनीय पहल है।
-सुरेश कोरड़ा, अध्यक्ष, पंचायत समिति, जव्हार

हमारे बच्चों को स्कूल में कंप्यूटर प्रशिक्षण मिलता है। स्कूल ने बहुत अच्छा काम किया है क्योंकि प्रशिक्षण नि:शुल्क है। स्कूल के प्रधानाध्यापक और सभी स्टाफ और शिक्षकों का छात्रों को बहुत सहयोग है।
-सचिन खुटाडे, डाभेरी

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