मुख्यपृष्ठधर्म विशेष‘देश के लिए शुभ नहीं है खप्पर योग’-पंडित राजेंद्र

‘देश के लिए शुभ नहीं है खप्पर योग’-पंडित राजेंद्र

२६ जनवरी २०२४ से लेकर २३ अप्रैल २०२४ तक देश में खप्पर योग बन रहा है। जनवरी में पांच बुधवार, फरवरी मास में पांच गुरुवार, वहीं जनवरी में ५ मंगलवार होंगे। इस योग को शुभ नहीं कह सकते हैं। यदि हम ग्रहों की बात करें तो जनवरी में मंगल, बुध, रवि, शुक्र की स्थिति में बदलाव होने जा रहे हैं। म, बु की युति धनु राशि में, वहीं शुक्र आकर मिलेंगे। फरवरी मास में रवि व शनि की युति कुंभ राशि में बनेगी, जो कि अशुभ योग बनाएगा। हम मार्च की बात करें तो शनि, मंगल, शुक्र की युति कुंभ राशि में शुभ नहीं मानी जा सकती है। ग्रह साफ-साफ इशारा कर रहे हैं कि आनेवाला २०२४ अप्रैल तक अशुभ बना हुआ है, जिसका परिणाम देखें तो प्रतिकूल जलवायु वर्षा, ज्यादा गर्मी वाले स्थान पर ठंड और ठंडवाले स्थान पर गर्मी होगी। देश में नए रोग प्रवेश होंगे, वायरस ज्यादा प्रभाव डालेंगे, जिसकी वजह से जनमानस में रोग बढ़ेंगे, सेहत पर असर होगा। जनमानस को काफी सचेत रहना पड़ेगा। मौसम में खराबी, प्राकृतिक प्रकोप, रोग, राजनैतिक उथल-पुुथल, किसी बड़े नेता पर हमला या निधन भी हो सकता है। वस्तुओं के दाम में अचानक बढ़ोतरी होगी। पेट्रोल के भाव में ऊंचाई देखने को मिलेगी। फसल नष्ट होने के योग बनेंगे। अर्थ व्यवस्था में सुधार होगा, रियल स्टेट के भाव में वृद्धि होगी। ग्लोबल वॉर्मिंग और भूकंप में उथल-पुथल होगी। वातावरण में खराबी बढ़ेगी, जिससे स्वास्थ्य पर असर आने की संभावना बढ़ेगी।
आइए, अब जानते हैं कि रोग व मानसिक शांति को कैसे ठीक किया जाए। उसके लिए प्रत्येक घर में अग्नि होम अवश्य करना चाहिए। यदि आप ये नहीं कर पाएं तो एक छोटा हवन अपने मकान में अवश्य करें।
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गाय का कंडा, तिल, कपूर, चावल, जौ, इलायची, गुगल, शहद, गाय का घी, इन सबको मिश्रण कर सिर्फ पांच आहुति आपको अग्नि में देना है।
मंत्र इस प्रकार से है
ऊँ गणेशाय नम: स्वाहा
ऊँ नवग्रहाय नम: स्वाहा
ऊँ कुलदेवताय नम: स्वाहा
ऊँ दुर्गाय नम: स्वाहा
‘न तं यक्ष्मा अरुन्धते
नैनं शपथो अश्नुते
यं भेषजस्य गुल्गुलो:
सुरभिर्गन्धो अश्नुते
जिस मनुष्य के आस-पास औषधि रूप गुगल की श्रेष्ठ सुगंध व्याप्त रहती है, उसे कोई रोग पीड़ित नहीं करता। दूसरे के द्वारा दिए गए अभिशाप भी उसे स्पर्श तक नहीं कर पाते।
-अथर्ववेद

इस हवन से आपको तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही हवन से मौसम में बहार आती है। खुशी का वातावरण बनता है। जब नेचर खुश होते हैं तो आशीर्वाद रूप से जनमानस का कल्याण करते हैं। यज्ञ करने से सभी को लाभ सुख, आत्मबल, धन में वृद्धि तो होती है, साथ ही रोग का शमन भी होता है। आशा करते हैं कि आप सभी यह उपाय कर लाभ प्राप्त करेंगे व सचेत भी रहेंगे। यज्ञ से नकारात्मक समय भी सकारात्मक में बदल जाते हैं।
-पंडित राजेंद्र (ज्योतिषाचार्य, वास्तु एक्सपर्ट)

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