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खरगोन दंगे का यह है हाल, मां को ढूंढ़ते बच्चे बेहाल! पत्थरबाजी का पता चलने पर बेटे को ढूंढ़ने निकली थी मां

सामना संवाददाता / खरगोन। खरगोन में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुए दंगे के बीच एक महिला लापता हो गई। वह हिंसा भड़कने की खबर मिलते ही अपने बच्चों को ढूंढने के लिए घर से निकली थी, लेकिन ७ दिन बाद भी घर नहीं लौटी। परिवारवालों ने उसे दंगे वाले दिन तलाशा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। उधर बच्चे अपनी मां की राह ताक रहे हैं। खरगोन के चमेली की बाड़ी निवासी लक्ष्मी अपने बच्चों को तलाशने निकली थी। वह दंगे से जल रहे तालाब चौक की ओर गई थी। हालांकि बच्चे घर आ गए, लेकिन मां इसके बाद नहीं लौटी। मां के घर नहीं लौटने पर अदिति और अभिजीत का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
दंगाइयों ने लूटा दहेज
खरगोन में रामनवमी के दौरान हुए दंगों ने २ घरों की शादियां रोक दीं। दंगाइयों ने शादी से एक दिन पहले ही एक दुल्हन का दहेज लूट लिया। भीड़ में शामिल दंगाई बहन का दहेज लूटते रहे और लाचार भाई खड़ा-खड़ा देखता रहा। मोहल्ले के ही एक दूल्हे की शादी भी फंस गई। लड़की वालों का कहना है कि पहले संजय नगर छोड़ो, तभी करेंगे शादी। दंगाइयों ने संजय नगर में पथराव और आगजनी की थी। इसी मोहल्ले की रहनेवाली लक्ष्मी की शादी गुजरात के दीपक से होनी थी। ११ अप्रैल को गणेश पूजन था। लेकिन शादी से १ दिन पहले ही १० अप्रैल को रामनवमी के दिन दंगाई आए और दहेज का सारा सामान लूट ले गए।
मोहल्ला छोड़ेंगे तब करेंगे शादी
बता दें कि मोहल्ले में महेश के घर भी दंगाइयों ने गहरा दुख छोड़ा। उनके बेटे शेखर की सगाई पास ही बसे एक गांव में हुई है। जल्द ही शादी होनी थी लेकिन लड़की वालों का कहना है कि जब तक आप संजय नगर नहीं छोड़ते तब तक वे उनके यहां पर शादी नहीं करेंगे।

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