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खूनी हाइवे! मुंबई-अमदाबाद हाइवे पर रोजाना हो रहे हादसे

योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर
मुंबई-अमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं। जिसमें अब तक कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। रविवार को टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री सहित दो लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद हाइवे पर से गुजरनेवाले लोगों की सुरक्षा को लेकर फिर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। एक जानकारी के अनुसार हाइवे पर सात महीने में १७७ दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें ६२ लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग जख्मी हुए हैं। फिलहाल हाइवे पर हादसे रुकते नहीं दिख रहे हैं। जिससे लोग इसे खूनी हाइवे भी कहने लगे हैं।
ब्लैक स्पाट पर हुई सायरस मिस्त्री की मौत
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री जिस जगह हादसे का शिकार हुए, वह एक ब्लैक स्पाट है और वहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऑल इंडिया वाहन चालक मालक महासंघ के प्रवक्ता हरवंश सिंह नन्नाड्डे ने बताया कि सूर्या नदी पर बने पुल पर हाइवे की तीन लेन संकरी होकर दो लेन हो गई है। इस जगह दुर्घटनाओं में कई लोग मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्होंने कहा इस स्थान पर कई मोटर चालक अक्सर संतुलन खो देते हैं। वे पुल से फिसल जाते हैं और नदी में गिर जाते हैं।
बता दें कि रविवार को साइरस मिस्त्री अपनी मर्सिडीज कार से अमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे। दोपहर बाद लगभग ३.१५ बजे सूर्या नदी पर बने पुल से गुजरते समय उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना में मिस्त्री और जहांगीर पंडोले का मौके पर ही निधन हो गया। उनके साथ कार में सवार अनाहिता पंडोले और उनके पति दरीयस पंडोले घायल हो गए। उन्हें वापी (गुजरात) के रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनाहिता पंडोले मुंबई की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। कार वही चला रही थीं।
हाइवे पर बने मौत के गड्ढे
मुंबई-अमदाबाद राजमार्ग पर घोड़बंदर से तलासरी तक बने छोटे-बड़े गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। गड्ढों के कारण सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवाने के साथ ही गिर कर घायल भी हो रहे हैं। इस समस्या को अनदेखा कर राजमार्ग प्रशासन मौन है। संबंधित अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
अवैध कट बने जानलेवा
हाइवे पर अपनी सुविधा अनुसार जगह-जगह कट बना लिए गए हैं। जो हादसों का कारण बनते हैं। इन कटों का स्थानीय लोग उपयोग करते हैं लेकिन आम लोग भी इन कटों का उपयोग यूटर्न या किसी और वजह से करते हैं और हादसे के शिकार हो जाते हैं। ऐसे कट से सिर्फ बाहरी लोगों के लिए ही नहीं बल्कि कई बार यहां स्थानीय लोग भी हादसे का शिकार होते हैं और जान गवां बैठते हैं।
पिछले पांच वर्षों में मेंढवन-आच्छाड मार्ग पर ४२१ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें २६ लोगों की जान चली गई है और २८९ यात्री घायल हुए हैं। साथ ही चाटी में ३०२ हादसों में ३२ लोगों की मौत हुई जबकि २८५ चालक व यात्री घायल हुए। धनिवारी में भी १२० हादसों में १२ लोगों की मौत हुई है और ११० लोग घायल हुए हैं। अंबोली-तलसारी इलाके में भी १६४ हादसों में ३४ लोगों की मौत हुई और १२८ लोग घायल हुए।
१३४ की स्पीड में थी साइरस की कार
टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का रविवार दोपहर मुंबई-अमदाबाद हाइवे पर सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। वे गुजरात के उदवाड़ा में बने पारसी मंदिर से लौट रहे थे। साइरस मिस्त्री जिस लग्जरी मर्सिडीज कार में थे, वह करीब १३४ किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही थी। इसका खुलासा कार के आखिरी सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। कार ने रविवार दोपहर २ बजकर २१ मिनट पर चरौती का चेक पोस्ट क्रॉस किया था। यहां से हादसे की जगह २०किमी दूर है। मर्सिडीज कार ने यह दूरी महज ९ मिनट में तय की।

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