" /> किस्सों का सबक…सबसे बुद्धिमान

किस्सों का सबक…सबसे बुद्धिमान

मिथिला के राजा वीरेंद्र सिंह को सवाल पूछने का शौक था। वे रोज मुश्किल से मुश्किल सवाल खोज कर लाते और दरबारियों से जवाब देने को कहते। सही जवाब देने वालों को वे खुलकर इनाम देते।
एक दिन राजा ने पूछा कि हमारे राज्य में सबसे ज्यादा बुद्धिमान कौन है? साथ में उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि गलत जवाब देने वाले को सजा-ए-मौत दी जाएगी। कई दिन बीत गए कोई जवाब नहीं मिला। राजा ने ललकार कर कहा कि क्या यह सवाल इतना कठिन है कि कोई जवाब नहीं दे सकता। दरबारी सिर झुकाए खड़े रहे।
एक दिन एक महात्मा दरबार में पधारे। राजा ने उनका स्वागत किया। महात्मा ने आशीर्वाद देकर अपना स्थान ग्रहण किया। उसके बाद महात्मा ने कहा कि राजन मैं आपके सवाल का जवाब देने आया हूं। मैं आपकी भेंट राज्य के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति से करवा सकता हूं लेकिन आपको कल तक इंतजार करना होगा। अगले दिन महात्मा लौटे तो उनके साथ एक दरिद्र व्यक्ति था। उन्होंने राजा से कहा कि आपके सवाल का जवाब यह है कि, यह व्यक्ति राज्य का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है। राजा ने हैरान होकर पूछा। क्या सच में तुम सबसे बुद्धिमान हो? उस व्यक्ति ने सर झुका कर कहा कि हां, महाराज मैं सबसे बुद्धिमान व्यक्ति हूं।
महाराजा की हैरानी और बढ़ गई। उसने पूछा इस बात का क्या प्रमाण है, कि आप सबसे बुद्धिमान हैं? इस पर महात्मा ने कहा कि राजन आप यह कैसे कह सकते हो कि यह सबसे बुद्धिमान नहीं ?। क्या इसका आपके पास कोई प्रमाण है? राजा इस सवाल का जवाब नहीं दे पाया। तब महात्मा ने कहा कि राजन आपके सवाल का सही जवाब कोई नहीं दे सकता, क्योंकि संसार में सबसे बुद्धिमान कोई नहीं है। आपके सवाल का जवाब किसी ने इसलिए भी नहीं दिया कि सभी को अपनी जान प्यारी है। महात्मा की बात सुनकर राजा की आंखें खुल गई और वह महात्मा के चरणों में गिर गया।