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लद्दाख को यूटी नहीं, राज्य का दर्जा चाहिए और ६ठी अनुसूची भी …लद्दाख के नेताओं ने सौंप दिया मसौदा केंद्र सरकार को

–सुरेश एस डुग्गर–
जम्मू, २३ जनवरी। लद्दाख की जनता अब अपनी मांगों के प्रति खुल कर मैदान में आ गई है। कई सालों की जंग के बाद उन्हें जो यूटी का दर्जा मिला वे उससे नाखुश हैं। अब केंद्र सरकार से मुलाकातों के बाद केंद्र के आग्रह पर लद्दाख के नेताओं ने केंद्र को जो मसौदा सौंपा है उसमें फिर से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग के साथ ही ६ठी अनुसूची को भी लागू करने की मांग के साथ आंदोलन तेज करने की धमकी व चेतावनी दी गई है।

लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और ६ठी अनुसूची की मांग करते हुए लेह और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस की सर्वोच्च संस्था ने गृह मंत्रालय को एक विस्तृत मसौदा सौंपा है। शीर्ष संस्था के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने पत्रकारों को यह जानकारी दी है। मसौदे में बताया गया है कि इतिहास, सामरिक महत्व, पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए; उत्तर पूर्व के अन्य राज्यों के साथ समानता और विभिन्न अन्य मापदंडों के आधार पर, लद्दाख राज्य का दर्जा पाने का हकदार है।

चेरिंग दोरजे ने दावा किया कि ऐसा करने से न केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर अपनी आकांक्षाओं को प्रकट करने में मदद मिलेगी और राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अपनेपन और भागीदारी की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह कहते हुए कि लद्दाख एक नाजुक वातावरण वाला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, उन्होंने कहा कि लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत लाने से न केवल लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के भूमि अधिकारों के लिए विशेष सुरक्षा की गारंटी होगी, बल्कि उन्हें अनुसूची के अनुसार अपने कानून बनाने में भी मदद मिलेगी।
सर्वोच्च निकाय ने लद्दाख के लिए लोक सेवा आयोग की भी मांग की है क्योंकि जम्मू और कश्मीर के पुनर्गठन अधिनियम में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए भी यही प्रावधान है, लेकिन इसी तरह के प्रावधानों को लद्दाख तक नहीं बढ़ाया गया, जिसके कारण छात्रों के लिए राजपत्रित पदों के लिए अवसर उपलब्ध नहीं हो सके। लद्दाख का दायरा सीमित हो गया है।

श्री दोरजे ने कहा कि राजपत्रित नौकरियों और गैर-राजपत्रित नौकरियों की सुरक्षा के लिए लद्दाख लोक सेवा आयोग के गठन की आवश्यकता है और यह मजबूत संस्थानों के माध्यम से किया जा सकता है। इस मसौदे में इस बात पर जोर दिया गया कि विधान सभा की अनुमति मिलने पर लद्दाख के लिए राज्यसभा सीट के निर्माण के अलावा लद्दाख के लिए संसद सदस्य की वर्तमान एक सीट को बढ़ाने की आवश्यकता है। चेरिंग दोरजे ने कहा कि इन मांगों को समायोजित करने के लिए विस्तृत मसौदा मंत्रालय को सौंप दिया गया है और वे लद्दाख के लोगों की इन मांगों के शीघ्र पूरा होने को लेकर आशावादी हैं।
याद रहे कि ४ दिसंबर २०२३ को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के साथ एक बैठक के दौरान, उन्होंने शीर्ष निकाय से मांगों का एक मसौदा तैयार करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय को सौंपने के लिए कहा था।

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