" /> संपादक के नाम पत्र… पौधारोपण व संरक्षण को मिले बढ़ावा!

संपादक के नाम पत्र… पौधारोपण व संरक्षण को मिले बढ़ावा!

पर्यावरण संरक्षण को लेकर चारों ओर बहस छिड़ी है। पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी संकल्पित है। हर साल करोड़ों पौधे रोपित किए जाते हैं। शासन स्तर से तो पौधारोपण व उनके संरक्षण को लेकर बनाई गई नीतियों पर अगर अमल करना जरूरी है। साथ ही पौधारोपण के लिए लोगों को जागरूक करना चाहिए। पौधारोपण में जिम्मेदारी को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। इसके चलते पौधारोपण आकार नहीं ले पा रही है। इसे बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। विद्यालय में बच्चों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतियोगिता कराने के साथ अधिक पौधारोपण करनेवाले बच्चों को सम्मानित करने की योजना होनी चाहिए। वन विभाग की ओर से वैसे तो एक पेड़ काटने की अनुमति तब दी जाती है, जब १० पेड़ लगाने की लोग सहमति देते हैं। पौधारोपण अभियान के तहत हर साल लाखों पौधे रोपे जाते हैं। सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में रोपे गए पौधे सूख जाते हैं, जिससे पौधारोपण को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
-महेंद्र कुमार, कल्याण

अभिभावक ध्यान दें, तभी अनुशासित रहेंगे बच्चे
कोरोना काल में विद्यालय में बच्चे उपस्थित नहीं हो रहे है तो ऐसे समय में अभिभावक को चाहिए कि घर में बच्चे को खुद जागरूक करे। अभिभावक अपने बच्चों के लिए दस मिनट एक घंटा समय देना चाहिए इससे बच्चे का भविष्य उज्जवल बनेगा। घर में बच्चों को अभिभावकों का अनुशासन होना जरूरी है तभी जाकर बच्चे स्कूल की तरह घर में भी पढ़ाई की तरफ ध्यान देंगे। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चे के पढ़ते समय उसकी जांच करें। उनसे पूछें कि कौन सा सिलेबस पूरा हुआ है और कौन अधूरा है। बच्चे भी तभी उत्सुक होंगे और अपनी पढ़ाई की तरफ ध्यान देंगे, इससे एक तरफ बच्चे के अंदर अनुशासन बना रहेगा और दूसरी तरफ उनकी पढ़ाई भी होती रहेगी।

-बिपिन पांडे, मुबई