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लातूर का चाकूर छावनी में तब्दील!

सामना संवाददाता / नागपुर

१२वीं पास अमोल गरीबी से था परेशान
महाराष्ट्र के शीतकालीन सत्र पर असर
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी तो विजिटर पास पर बंदी

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा तंत्र को तोड़कर लोकसभा के सभागृह में स्मोक बम (धुआं बम) फोड़नेवाले दो युवकों सहित उनके अन्य दो साथियों सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक युवक अमोल शिंदे लातूर के एक गांव का है। इस घटना में महाराष्ट्र के शिंदे के शामिल होने से महाराष्ट्र सरकार पर अब दबाव बढ़ गया है। अमोल का गांव अब छावनी में तब्दील हो गया है। राज्य के गृहमंत्री ने भी पुलिस विभाग को इस पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संसद भवन में इस प्रकार दहशत पैâलाने के पीछे उनके इरादे क्या थे?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिंदे लातूर के चाकूर तहसील के नवकुंडाझरी गांव का रहनेवाला है। इसके पिता यहां खंडोबा मंदिर में सफाई का काम करते हैं। वे मजदूरी कर अपना गुजर-बसर करते हैं। मां गृहणी होने के साथ-साथ देवी के मंदिर में ही भिक्षा मांगती है। शिंदे की दो बहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और दो भाई हैं, जो शिंदे से छोटे हैं। गांववालों के अनुसार, उसने १२वीं तक पढ़ाई की है। वह पुलिस में भर्ती के लिए कई वर्षों से कोशिश कर रहा था। साथ ही मजदूरी भी करता था। दो दिन पहले ही वह गांव छोड़कर कहीं चला गया था। गांव वालों की मानें तो शिंदे गरीबी से परेशान था। वह पिछले कई वर्षों से पुलिस की भर्ती के लिए प्रयास कर रहा था।

महाराष्ट्र के शीतकालीन सत्र पर हुआ असर
इस बीच संसद की घटना का असर महाराष्ट्र विधानसभा पर भी पड़ा। नागपुर में महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है। सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक पृथ्वीराज चव्हाण ने संसद में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया, जिसके बाद विधायकों को दिए जानेवाले विजिटर पास की संख्या दो कर दी गई, लेकिन विधान परिषद में यह मुद्दा उठने के साथ ही एक भी विजिटर पास नहीं जारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही विधान भवन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और धीरे-धीरे सभी विजिटर्स को बाहर निकाला गया।

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