मुख्यपृष्ठनए समाचारसिंगल डीसी जलाशयों का रिसाव बंद! ...वन्य प्राणियों तथा आदिवासी गांवों को...

सिंगल डीसी जलाशयों का रिसाव बंद! …वन्य प्राणियों तथा आदिवासी गांवों को मिला भरपूर पानी

उदयभान पांडेय / ठाणे । आसपास जलाशय होने के बावजूद पानी की किल्लत का सामना करने को मजबूर आदिवासी गांवों तथा वन्य जीवों के लिए इस वर्ष भरपूर पानी उपलब्ध है। रिसाव के चलते जलाशयों से जो पानी बह जाया करता था, उसे वन विभाग के प्रयासों से बंद कर दिया गया है। यह जानकारी कसारा वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रियंका उबाले ने दी है।
बता दें कि ठाणे शहर से करीब १०० किलोमीटर दूर स्थित कसारा के आदिवासी गांवों तथा वन क्षेत्र के आसपास ५ जलाशयों का निर्माण किया गया है। जलाशयों के निर्माण का मकसद आदिवासियों तथा वन्य जीवों को भरपूर पानी उपलब्ध करना था, पर जलाशयों में होनेवाले रिसाव के चलते पानी बह जाया करता था। इसकी वजह से मोखड़े, कातकरी वाड़ी, धोबीघाट, कामादीपाड़ा, विही जैसे अनेक गांवों को प्रतिवर्ष पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता था। अनेक तरह के पशु-पक्षियों की वजह से कसारा वन क्षेत्र को एक संवेदनशील क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। जलाशयों में पानी उपलब्ध न होने की वजह से पानी की तलाश में अक्सर तेंदुए, भालू, सियार जैसे वन्य प्राणी गांवों में घुस जाते थे और हमला भी कर देते थे। वन परिक्षेत्र अधिकारी उबाले ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए जलाशयों में होनेवाले रिसाव को बंद करने का निर्णय लिया गया। उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा किए गए अथक प्रयास से जलाशयों में होनेवाले रिसाव को बंद कर दिया गया है। इस गर्मी के मौसम में भी ग्रमीणों तथा वन्य प्राणियों के लिए जलाशयों में भरपूर पानी उपलब्ध है।

अन्य समाचार