मुख्यपृष्ठनए समाचारकिस्सों का सबक : सोलन की भविष्यवाणी

किस्सों का सबक : सोलन की भविष्यवाणी

डॉ. दीनदयाल मुरारका

सोलन एक महान दार्शनिक थे और एक बार वे कहीं से घूमते-घूमते राजा कारू के यहां पहुंचे। कारू ने उनके सामने अपनी धन-संपत्ति का खूब बखान किया। उनकी इच्छा थी कि सोलन उसे संसार का सबसे बड़ा व्यक्ति मानें और अपने मुख से भी यही कहें। लेकिन सोलन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
सोलन ने कहा, ‘संसार में सुखी व्यक्ति वही माना जाता है, जिसका अंत सुखमय हो।’ कारू को सोलन का यह कथन बहुत बुरा लगा। उसने सोलन की ठीक से आवभगत भी नहीं की। खैर, कुछ दिन बाद कारू ने राजा साइरस पर आक्रमण कर दिया। मगर वह हार गया और बंदी बना लिया गया। साइरस ने उसे आग में जिंदा झोंके जाने का हुक्म सुनाया।
हुक्म सुनाते ही कारू को सोलन की याद आई और वो ‘सोलन-सोलन’ कहकर चिल्लाने लगा। साइरस को यह सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने कारू से इसका मतलब पूछा? कारू ने अपनी तथा सोलन की मुलाकात और सोलन द्वारा कही गई बातों के बारे में साइरस को बताया। साइरस पर भी सोलन की बात का इतना प्रभाव पड़ा कि उसने कारू को छोड़ दिया। शायद जिंदगी में यह बात तय है कि अंत भला सो सब भला। हमें अपने जीवन में इस तरह के परोपकारी कार्य को करते रहना चाहिए, ताकि हमें अपने अंतिम समय में कोई कष्ट न पहुंचे।

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