मुख्यपृष्ठसमाचारदिल को कम धड़कने दो...!

दिल को कम धड़कने दो…!

-१ मिनट में १०० से ज्यादा बार धड़कता है दिल तो हो जाएं सावधान

-टैकीकार्डिया बढ़ा रहा टेंशन

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

जिस तरीके की लाइफस्टाइल हम जी रहे हैं, उसमें धड़कनों का अप-डाउन, तेज, स्लो होना, हाई बीपी आम बात है। लेकिन आप बस इसे आम बात समझकर हमेशा इग्नोर करें यह सही नहीं है। क्योंकि कभी-कभी धड़कनें तेज हो जाती हैं और हम इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। हम ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि धड़कन तेज होने को हम आम बात समझ लेते हैं, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धड़कन का तेज होना एक गंभीर बीमारी है जिसे टैकीकार्डिया कहा जाता है। इस बीमारी में दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं। यानी १ मिनट में १०० से ज्यादा बार धड़कनें धड़कती हैं तो सतर्क हो जाओ।
टैकीकार्डिया जैसी गंभीर बीमारी में १ मिनट में १०० बार से ज्यादा बार दिल धड़कता है। हार्ट बीट तेज अक्सर तेजी से चलने या एक्सरसाइज के दौरान होता है। लेकिन टैकीकार्डिया की बीमारी शुरुआत में तो यह एकदम जनरल सी बीमारी लगती है, जिसके कोई असाधारण लक्षण शरीर पर दिखाई नहीं देते, लेकिन अगर इसका इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक के साथ-साथ मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
टैकीकार्डिया के कारण
टैकीकार्डिया का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस और टेंशन होता है। इसके अलावा अगर आप बहुत ज्यादा वैâफीन या अल्कोहल का इस्तेमाल करते हैं तो यह गंभीर दिल की बीमारी का कारण बन सकता है। हद से ज्यादा धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करना भी इस बीमारी के होने का कारण बन सकता है। इसके अलावा हाई बीपी, प्रेग्नेंसी और हद से ज्यादा दवाई खाने से भी टैकीकार्डिया की बीमारी हो सकती है।
टैकीकार्डिया के लक्षण
-सांस लेने में दिक्कत
– छाती में दर्द
-अचानक से घबराहट और पसीना आना
– चक्कर आना

अन्य समाचार