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संपादक के नाम पत्र : पीने के पानी में मिल रही है गंदगी

उल्हासनगर में सड़क छाप प्लंबर व जलापूर्ति विभाग की अनदेखी के कारण पीने की पाइप लाइन सुरक्षित स्थानों की बजाय नालियों से होकर गुजरती है, जिसके चलते लोग गटर मिश्रित पानी पीने को मजबूर हैं। गंदे और दुर्गंध युक्त पानी को लेकर कई बार लोग आक्रोशित हो जाते हैं और इस गंदे पानी को पीने वाले लोग पेट दर्द, पीलिया, लीवर जैसे रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। उल्हासनगर में मनपा जलापूर्ति विभाग तो है, परंतु स्थानीय नेताओं, नगर सेवकों के दबाव में प्लंबर जलापूर्ति विभाग को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम बिना अनुमति के सड़क को बीच में से तोड़ देते हैं। इतना ही नहीं, कम मेहनत में अधिक पैसा कमाने के चक्कर में प्लंबर नाली से पीने के पानी की पाइप लाइन को घुमाकर पानी घर तक पहुंचा देते हैं। पाइप के टूटने या लीकेज होने पर लोगों को मल-मूत्र मिश्रित पानी पीना पड़ता है। उल्हासनगर में यह काम सिर्फ सड़क छाप प्लंबर ही नहीं करते, बल्कि उल्हासनगर मनपा का जलापूर्ति विभाग जिस ठेकेदार को मुख्य जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाने का ठेका देती है वह ठेकेदार भी नालियों से होकर पीने के पानी की पाइप लाइन ले जाता है। पाइप लाइन टूटने या लीकेज होने पर दूषित पानी पीने के बाद जब बीमारियां बढ़ जाती हैं तो टूटी हुई पाइप लाइन की खोज की जाती है। गटर से गुजरनेवाली पानी की पाइप लाइन को सुरक्षित जगहों से ले जाया जाना चाहिए, ऐसी हिदायत आयुक्त अजीज शेख को जलापूर्ति विभाग को देनी चाहिए। साथ ही आदेश न माननेवाले ठेकेदार के खिलाफ लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसे अपराध के तहत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
– सुभाष सिंह, अध्यक्ष-कमला नेहरू नगर रहिवासी संघ, उल्हासनगर

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