" /> जहर में घुल गई जिंदगी! अलीगढ़ में ५२१ सरकारी ठेके

जहर में घुल गई जिंदगी! अलीगढ़ में ५२१ सरकारी ठेके

 ३९० पर बिक रहा था जहर
२४० करोड़ का है सालाना कारोबार
ताला और तालीम के लिए जाना जाने वाला का यूपी का जिला अलीगढ़ आज जहरीली शराब के नाम से कुख्यात हो गया है। इस जहरीली शराब से यहां पिछले दो हफ्तों में १०८ लोगों की मौत हो चुकी है। २० से ज्यादा लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। जो मर गए हैं, उनके परिजन अब मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसी का बेटा गया तो किसी का पति। कई घर ऐसे हो गए जहां कमाने वाला कोई नहीं बचा। अलीगढ़ के खैर, जवां, लोधा, अकराबाद, टप्पल, गभाना व शहर के क्वार्सी इलाकों में नकली शराब बिकती थी या यूं कहें पूरे जिले में नकली शराब की बिक्री का एक नेटवर्वâ खड़ा कर दिया था। जिले के ५२१ शराब ठेके में ३९० ठेकों में इनकी शराब पहुंच रही थी।
नेताओं के सहयोग से खड़ा हुआ साम्राज्य
जल्द अमीर बनने का लालच और दो बड़े भाजपा नेताओं की शह पर बाहर से आए तीन लोगों ने जहर का ये सारा साम्राज्य खड़ा कर दिया। इस कारोबार की जड़ें इतनी गहरी हो गर्इं कि यह आबारी विभाग के पैरलल हो गया। आबकारी और पुलिस की जांच में ये पता चला है कि अलीगढ़ जिले के आबकारी विभाग के १,२०० करोड़ के सालाना कारोबार में इन लोगों ने करीब २० फीसदी नकली शराब का कोराबार जोड़ दिया। प्रोडक्शन के लिए अवैध पैâक्ट्री, डीलर, सप्लायर और ठेके सब इन्हीं के हो गए। यानी ये लोग साल में करीब २४० करोड़ रुपए का कारोबार करने लगे। इस अवैध कारोबार में इन्होंने १५० से ज्यादा साथी खड़े कर लिए। किसी को कर्मचारी बनाया तो किसी को हिस्सेदार।
सिंडीकेट बनाकर चल रहा था जहर का कारोबार
अलीगढ़ में जहर का ये कारोबार सिंडीकेट बनाकर पैâला रखा था। यह सिंडीकेट एथाइल एल्कोहल, मिथाइल एल्कोहल, खाली क्वार्टर, रैपर, ढक्कन व अन्य चीजें उपलब्ध कराते थे। इसके साथ ही हर साल शराब की दुकान के नवीनीकरण के समय माफिया अपने रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर ज्यादा से ज्यादा दुकानों के लाइसेंस हासिल करते थे, जिससे कि वह अपने शराब के कारोबार को ज्यादा से ज्यादा पैâला सकें।
हर महीने तीन करोड़ की कमाई
पकड़े गए आरोपियों ने यह स्वीकार किया है कि नकली शराब बेचकर तीन करोड़ रुपए महीने कमा रहे थे। जो साल का ३६ करोड़ रुपए होता है। १,४०० रुपए में तैयार की गई पेटी २,७०० रुपए में ठेकों पर बेचते थे।
२०२० में ९९९ लोग पकड़े गए, पर नहीं हुई कार्रवाई
वर्ष २०२० में अलीगढ़ पुलिस ने अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई कर प्रदेश स्तर पर वाहवाही लूटी थी। इसमें पुलिस ने ३.५९ करोड़ रुपए की न सिर्पâ अवैध शराब बरामद की थी, बल्कि ९९९ लोगों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया था। इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी पुलिस के हाथ इन माफियाओं तक नहीं पहुंचे। यह दिखाता है कि शराब माफियाओं की राजनीतिक पहुंच के आगे पुलिस प्रशासन लाचार रहा, जिसका खामियाजा आज लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।