मुख्यपृष्ठग्लैमर‘जिंदगी चलती रहती है!’-सुधांशु पांडे

‘जिंदगी चलती रहती है!’-सुधांशु पांडे

‘खिलाड़ी ४२०’, ‘दस कहानियां’, ‘सिंह इज किंग’, ‘सिंघम’ और ‘सियासत’ जैसी सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों में अपने किरदार से अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज करवानेवाले अभिनेता सुधांशु पांडे को ‘स्टार प्लस’ के धारावाहिक ‘अनुपमा’ में वनराज शाह के किरदार में दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। पेश है, सुधांशु पांडे से हिमांशु राज की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

कैसे रहा सुपर मॉडल से ‘अनुपमा’ के मशहूर किरदार वनराज का सफर?
दो अलग आयाम है मॉडलिंग और अभिनय। सही कहें तो मैंने दोनों को दिल से निभाया। लोग वनराज के किरदार को पसंद कर रहे हैं, जब लोग आपको आपके किरदार से जानने लगते हैं तो किसी भी अभिनेता को खुशी होती है।
वनराज के किरदार ने आपको एक अलग पहचान दी। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
किसी भी कलाकार के लिए चरित्र के रूप में स्थापित होना सुखद होता है। मॉडलिंग, सीरियल और फिल्मों से लेकर ‘अनुपमा’ के वनराज का सफर यादगार रहा। कोरोना काल में हम सभी ने ‘अनुपमा’ की शूटिंग प्रारंभ की। वो ऐसा समय था जब इंडस्ट्री में एकाएक सब कुछ रुक-सा गया था। देश-विदेश में ‘अनुपमा’ के इस कदर लोकप्रिय होने का अंदाजा मुझे नहीं था। लोग घरों में बंद थे, महामारी से जूझ रहे थे। ऐसे समय में एक सीरियल व उसके किरदारों का घर-घर में जगह बना लेना और लोगों का प्रेम पाना सही अर्थों में विशेष रहा।
महामारी का समय आपने कैसे निकाला?
पूरा देश इस अज्ञात शत्रु से लड़ रहा था। मुंबई की विभीषिका काफी डरावनी थी। ऐसे समय में अपने आपको फिट रखना जरूरी था। अपनी दिनचर्या में संतुलित आहार, कसरत व कोरोना के नियमों का पालन करना शुमार था। देश व प्रदेश की सरकार का कार्य अत्यंत ही सराहनीय था। फिल्म जगत से जुड़े लोगों व समाजसेवी संस्थाओं ने आगे आकर अपना योगदान दिया। जिंदगी चलती रहती है। आज शूटिंग शुरू हो गई है और फिल्में अच्छा कारोबार कर रही हैं।
आप ‘बैंड ऑफ बॉयज’ जैसे मशहूर म्यूजिक ग्रुप से जुड़े रहे है। क्या भविष्य में किसी गाने या वीडियो में आपको देखा जा सकता है?
भविष्य में क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता, पर अभी मैं अपना पूरा ध्यान अभिनय में केंद्रित करना चाहता हूं।
कोई ऐसा ड्रीम रोल जिसे आप करना चाहते हों?
अभिनय करना ही कलाकार का कार्य है। दर्शक ही निर्धारित करता है कि आपका कौन-सा किरदार अच्छा है और कौन-सा बुरा। ‘सिंह इज किंग’ में रफ्तार का किरदार हो या ‘सिंघम’ में इंस्पेक्टर कदंब का किरदार लोगों ने पसंद किया। आप बस अपना बेस्ट दे सकते हैं। जनता आपको जवाब दे देती है इसलिए ड्रीम रोल जैसा अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।

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