मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन-दर्पण : राहु के साथ चंद्रमा आता है तो ग्रहण दोष बन...

जीवन-दर्पण : राहु के साथ चंद्रमा आता है तो ग्रहण दोष बन जाता है!

डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरु जी, कर्ज से मैं परेशान हूं। कब तक राहत मिलेगी, कुछ उपाय बताएं? -विजय गुप्ता
(जन्मतिथि- ५ अगस्त १९८३, समय- रात्रि ४.४० बजे, स्थान- कुर्ला, मुंबई)
विजय जी, आपका जन्म मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम चरण में वृषभ राशि में हुआ है। यदि लग्न के आधार पर हम बात करें तो आपका जन्म मिथुन लग्न में हुआ है। मिथुन लग्न का स्वामी बुध है, जो कि आपकी कुंडली में पराक्रम भाव पर शुक्र ग्रह के साथ में बैठा हुआ है। वह भाव का स्वामी है और आप परेशान हो रहे हैं। भाव पर राहु ग्रह के साथ में चंद्रमा बैठा हुआ है। इसके कारण आकस्मिक आपकी कुंडली में ग्रहण दोष और कालसर्प योग भी बना हुआ है। इसकी पूजा करना आवश्यक है। पूजा कराते हैं तो धीरे-धीरे आपको राहत मिलेगी। विशेष जानकारी के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरु जी, मेरी दूसरी शादी हुई है। मैरिज लाइफ कैसी रहेगी, इसे बताएं?
-ठाकुर सावंत

(जन्मतिथि- १० दिसंबर १९८२, समय- प्रात: ८.१० बजे, स्थान- धनबाद, झारखंड)
ठाकुर जी, आपका जन्म चित्रा नक्षत्र के प्रथम चरण में कन्या राशि में हुआ है। यदि हम आपकी मैरिज लाइफ के बारे में बात करेंगे तो आपका जन्म धनु लग्न में हुआ है। धनु लग्न का स्वामी बृहस्पति है। वह बृहस्पति बारहवें भाव पर सूर्य ग्रह के साथ बैठा हुआ है। इसी कारण आपकी पहली शादी दिक्कत में आई और जो आपने दूसरी शादी की है वह आपके लिए लाभकारी होगी लेकिन आपको कुछ उपाय करना होगा। यदि उपाय करते हैं तो निश्चित ही आपकी मैरिज लाइफ बहुत अच्छी होगी। ९ गुरुवार को चने की दाल १ किलो, एक दर्जन पीला कपड़ा और साथ में दक्षिणा किसी मंदिर में बैठे हुए पुजारी को दीजिए और सूर्य भगवान को प्रणाम करें। जीवन की गहराइयों के रहस्य को जानने के लिए आप संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरु जी, मेरी राशि क्या है और कुंडली में दोष क्या है? -विभूति नारायण राय
(जन्मतिथि- ७ जनवरी १९९७, समय- दिन में ४. ४५ बजे, स्थान- इलाहाबाद, यूपी) ‌
विभूति जी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं वृश्चिक राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का अच्छे से अवलोकन किया गया। चतुर्थ स्थान में मंगल के साथ राहु बैठकर अंगारक योग भी बना दिया है तथा आपकी कुंडली को मांगलिक भी बना दिया है। सुख स्थान पर राहु एवं कर्म स्थान पर केतु बैठकर शंखपाल नामक कालसर्प योग बना दिया है। इन योगों से अनेक प्रकार की बाधाएं एवं तकलीफ तथा अनुकूल  पत्नी भी प्राप्त करने के लिए किसी न किसी प्रकार की असुविधा आ सकती है। अत: विवाह से पहले मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ एवं कालसर्प योग की शांति कराना आपके लिए आवश्यक है। जीवन की विशेष जानकारी के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरु जी, किस क्षेत्र में जाना चाहिए। मैंने वाणिज्य लिया था, आगे का जीवन कैसा  है? 
मुकेश यादव
(जन्मतिथि- २५ अप्रैल २००३, समय- ९. २२ बजे, स्थान- मुंबई)

मुकेश जी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं कुंभ राशि में हुआ है। आपकी कुंडली  का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया। शिक्षा स्थान का स्वामी शुक्र कर्म भाव में बैठा है। लग्न स्थान का स्वामी लाभ भाव में बैठकर आपको गणित, कॉमर्स की शिक्षा से विशेष सफलता प्राप्त कराएगा। लेकिन आठवें स्थान पर मंगल बैठकर आपको मांगलिक भी बना दिया है। अत: विवाह से पहले मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ कराना आवश्यक होगा। इस समय आपकी कुंडली में राहु की महादशा में शुक्र का अंतर चल रहा है। शुक्र आपकी कुंडली  में शिक्षा स्थान का स्वामी है। शिक्षा में किसी-न-किसी प्रकार की अरुचि भी पैदा हो सकती है क्योंकि राहु अरुचि पैदा करने वाला ग्रह है। अत: शिक्षा को सुचारु रूप से प्रशस्त करने के लिए वर्तमान समय में आपके लिए कालसर्प योग की पूजा कराना आवश्यक है नहीं तो शिक्षा में बाधा भी आ सकती है। जीवन की विशेष गहराई को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरु जी, मेरी राशि क्या है और कुंडली में दोष क्या है? -पंकज श्रीवास्तव
(जन्मतिथि- ४ नवंबर १९८८, समय- सायं ५. ४५ बजे, स्थान- इलाहाबाद, यूपी)
पंकज जी, आपका जन्म वृष लग्न एवं सिंह राशि में हुआ है। आपकी कुंडली  का अच्छी प्रकार से अवलोकन किया गया। पराक्रमेश चंद्रमा शुक्र भाव में केतु के साथ में बैठा है तथा राहु से दृष्ट होने के कारण ग्रहण योग एवं कालसर्प योग भी बना रहा है। कालसर्प योग के कारण जीवन की सुख-सुविधा को प्राप्त करने में किसी-न-किसी प्रकार की बाधा भी बनी रहती है। पिता की ओर से भी कष्ट बना रहता है। यदि व्यापार से जुड़े हैं तो नुकसान की भी संभावना बनी रहती है। अपने ही आदमी जिस पर ज्यादा विश्वास करते हो, उनके द्वारा विश्वासघात भी हो सकता है। राहु की महादशा में राहु का अंतर भी प्रारंभ हो जाएगा। अत: वर्तमान समय में कालसर्प योग की पूजा आपके लिए नितांत आवश्यक है। जीवन का विकास मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

अन्य समाचार