मुख्यपृष्ठसमाचारकेईएम में लिफ्ट है बंद...दिल के रोगियों का निकल सकता है दम

केईएम में लिफ्ट है बंद…दिल के रोगियों का निकल सकता है दम

सामना संवाददाता / मुंबई
परेल स्थित मनपा के केईएम अस्पताल में लिफ्ट सेवा प्रदान करने वाली कंपनी द्वारा ‘सीवीटीसी’ सेक्शन में लिफ्ट को जानबूझकर बंद किए जाने से दिल के रोगियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए शिवसेना ने संबंधित कंपनी पर फौजदारी का मामला दर्ज करने की मांग केईएम अस्पताल प्रशासन और भोईवाड़ा पुलिस से की है। बताया गया है कि लिफ्ट बंद होने से दिल के रोगी न केवल बेहाल हैं, बल्कि उनकी जान पर संकट भी पैदा हो गया है।
मनपा के केईएम अस्पताल को शिंडलर कंपनी द्वारा लिफ्ट की सेवा दी जाती है। इस लिफ्ट को इसी कंपनी ने बनाया है। वहीं कंपनी को समय-समय पर लिफ्ट के मेंटेनेंस के लिए पैसा अस्पताल प्रशासन की तरफ से दिया जाता रहा है। हालांकि पूर्व महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर ने कहा कि अस्पताल के दौरा में किए गए निरीक्षण में पाया कि लिफ्ट की सेवा बीते कई दिनों से बंद है। लिफ्ट बंद होने से दिल के रोगियों को सीढ़ियों से चढ़कर दूसरे मंजिल पर जाकर चिकित्सकों को दिखाना पड़ता है। इससे उनके जान पर संकट पैदा हो सकता है। इस पृष्ठभूमि पर पूर्व महापौर महाडेश्वर, पूर्व नगरसेवक सचिन पडवल, पूर्व नगरसेविका सिंधु मसुरकर ने अस्पताल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात कर इस मामले को संज्ञान में लाया, साथ ही इस विषय पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग भी की।
जानबूझकर की जाती है लिफ्ट बंद
पूर्व नगरसेवक सचिन पडवल के मुताबिक संबंधित कंपनी का अस्पताल प्रशासन से विवाद है। इसलिए कंपनी के प्रतिनिधि इमारत की छत पर जाकर लिफ्ट को बंद कर देते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शिवसेना विभागप्रमुख आशीष चेंबूरकर और विधायक अजय चौधरी के मार्गदर्शन में भोईवाड़ा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक जितेंद्र पवार को निवेदन देकर दिल के रोगियों की जान से खिलवाड़ करनेवाली कंपनी के खिलाफ फौजदारी का मामला दर्ज करने की मांग की गई। इस मौके पर सिंधु मसुरकर उपस्थित थीं। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पवार ने आश्वासन दिया है कि मामले की तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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