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गंगा किनारे दारू की खेती धरती ने उगली शराब!…. बालू के नीचे गाड़ियों के टायर-ट्यूब में छिपाई दारू

सामना संवाददाता / छपरा । बिहार में सुशासन बाबू की सरकार में शराब की बिक्री के लिए शराब माफिया नई-नई चाल चल रहे हैं। शराब माफिया और प्रशासन के बीच आंख-मिचौली का खेल चल रहा है। माफिया नए-नए तरीके अपनाकर शराब का उत्पाद और भंडारण कर रहे हैं। दियारा क्षेत्र में जहां किसान बलुई मिट्‌टी में तरबूज, खरबूज, ककड़ी, परवल, खीरा फल की खेती करते थे, उन खेतों से देसी शराब की खेप बरामद हो रही है। खेती करने वाले क्षेत्रों को अवैध देसी शराब के धंधेबाजों ने अपना ठिकाना बना लिया है। विभाग के कर्मचारी उस वक्त आश्चर्य-चकित रह गए जब बालू के खेत से फल के बदले देसी दारू निकलने लगी।
टायर ट्यूब में रखी गई है शराब
जानकारी के अनुसार सारण जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र के दियारा क्षेत्र में बालू के अंदर छिपाकर रखी गई तैयार अवैध देसी शराब के धंधे का खुलासा सारण उत्पाद विभाग ने किया है। भारी मात्रा में शराब के उत्पादन के बाद कारोबारी बड़े-बड़े वाहनों के ट्यूब में शराब का भंडारण बालू वाले खेत में किया जा रहा है, जिससे प्रशासन और ड्रोन वैâमरा की नजर से बचा जा सके। खेती वाले जमीन में दारू छिपाकर कारोबारी आसानी से प्रशासन को चकमा दे देते हैं। मजबूत और बड़े वाहनों के ट्यूब में क्षमता से ज्यादा शराब छिपाई जा रही है। साथ ही देसी दारू के खराब होने का चांस बहुत कम होता है।
ड्रोन की मदद से खोज निकाली शराब
सारण उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि ड्रोन से लगातार शराब धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल सबलपुर दियारा क्षेत्र में जमीन के अंदर ट्यूब में रखी ४५० लीटर देसी शराब बरामद हुई है। १० हजार क्विंटल जावा गुड़ को नष्ट किया गया है। धंधेबाजों की पहचान होने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

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