मुख्यपृष्ठसमाचारएमपी में शराब होगी सस्ती... शिवराज सरकार ने लिया फैसला

एमपी में शराब होगी सस्ती… शिवराज सरकार ने लिया फैसला

सामना संवाददाता / भोपाल
मध्य प्रदेश में भाजपा की शिवराज सिंह की सरकार में अब शराब सस्ती हो गई है। नए वित्तीय वर्ष से नई आबकारी नीति लागू होने पर शराबियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। नई आबकारी नीति में अंगूर के अलावा जामुन से भी शराब बनाने की अनुमति दी गई है। वहीं विदेशी शराब भी सस्ती होगी। कैबिनेट ने घर पर शराब रखने की सीमा भी बढ़ा दी है। अब लोग पहले के मुकाबले ४ गुना ज्यादा शराब घर पर रख सकेंगे। इसके अलावा जिस शख्स की सालाना आय १ करोड़ रुपए है, वो घर पर बार भी खोल सकेगा।
विदेशी शराब पर एक्साइज ड्यूटी होगी कम
एमपी में शराब की नई दुकानें नहीं खोली जाएंगी। आबकारी विभाग ने उप-दुकानें खोलने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया। शिवराज कैबिनेट ने वर्ष २०२२-२३ के लिए नई शराब नीति को मंजूरी दे दी है। इसके मुताबिक विदेशी यानी अंग्रेजी शराब सस्ती होगी, क्योंकि सरकार ने विदेशी शराब पर एक्साइज डयूटी १० से १३ फीसदी तक कम करने का निर्णय लिया है। इससे शराब की डिमांड बढ़ेगी और ज्यादा बिक्री होगी। प्रदेश में फिलहाल २,५४४ देशी, १,०६१ विदेशी शराब दुकानें हैं। सरकार के प्रवक्ता व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नई शराब नीति नए वित्तीय वर्ष यानी १ अप्रैल २०२२ से लागू होगी।
एक ही दुकान पर देशी-विदेशी शराब की बिक्री
नई आबकारी नीति में प्रावधान किया गया है कि अब से देशी और अंग्रेजी शराब की बिक्री एक ही दुकान से होगी। प्रदेश में ११ डिस्टलरी के जिलों में सप्लाई के लिए टेंडर जारी नहीं होंगे। ऐसे में सभी ११ डिस्टलरी को सभी संभागों में विदेशी शराब की तरह ही गोदामों में शराब रखना होगी। वहां से ठेकेदार शराब की क्वालिटी और कीमत का अध्ययन कर शराब अपनी दुकानों के लिए खरीदेंगे।
घर पर शराब रखने की लिमिट बढ़ाई
शिवराज सरकार ने होम बार लाइसेंस देने का निर्णय भी लिया है। अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय एक करोड़ रुपए है, तो वह व्यक्ति घर पर बार खोल सकता है। इसके अलावा, घर पर शराब रखने की लिमिट भी सरकार ने बढ़ा दी है। जिसके बाद वर्तमान लिमिट की ४ गुना शराब घर पर रखी जा सकेगी। फिलहाल घर में एक पेटी बीयर व ६ बॉटल शराब रखने की अनुमति है। इसके अलावा आलीराजपुर और डिंडौरी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत महुए से बनने वाली शराब लाई जा रही है। महुआ की शराब हैरिटेज नीति से ग्रामीण इलाकों की शराब को बाहर बेचने के लिए बाजार मिलेगा।

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