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प्रशासन में बैठे ‘जिहादियों’ ने लीक की सूची! …. टारगेट पंडित!

६ हजार हिंदू कर्मचारियों को आतंकियों की खुली धमकी

सामना संवाददाता / श्रीनगर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की हिंदुत्ववादी सरकार केंद्र की सत्ता में है। इन दिनों कश्मीर का प्रशासन भी केंद्र सरकार के ही नियंत्रण में है लेकिन इसके बाद भी कश्मीर में हिंदू, खासकर कश्मीरी पंडित दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। प्रशासन में बैठे कट्टरपंथी लोग जिहादियों की मदद कर रहे हैं। उन्हीं कट्टरपंथियों द्वारा लीक की गई सूची के कारण ६ हजार हिंदू कर्मचारियों की जान सांसत में पड़ गई है। कश्मीरी पंडित सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
बता दें कि पाक प्रायोजित आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ (एलईटी) समूह की शाखा ‘द रेजिस्टेंस प्रâंट’ (टीआरएफ) के मुखपत्र ‘कश्मीर फाइट ब्लॉग’ ने घाटी में प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज (पीएमआरपी) के तहत शिक्षक के रूप में काम कर रहे ५७ कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी दी है। इन कर्मचारियों के नाम वाले धमकी भरे पत्र से वर्तमान में घाटी में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत ६ हजार कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के बीच भय पैदा हो गया है। कश्मीरी पंडितों के विभिन्न संगठनों ने पिछले एक साल के दौरान घाटी में आतंकवादियों द्वारा २४ कश्मीरी और गैर कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की पृष्ठभूमि में जारी इन धमकियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
कश्मीरी पंडित संगठनों ने इस बात की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है कि वैâसे कर्मचारियों के नाम आतंकवादी संगठन को लीक किए गए। विपक्ष सहित भाजपा के लोग भी उस सूची के लीक होने की जांच की मांग कर रहे हैं, जिसे आतंकवादी संगठन से जुड़े एक ब्लॉग द्वारा प्रकाशित किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने पुलिस से सूची के लीक होने की जांच करने का अनुरोध किया है और प्रशासन से घाटी में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
ठाकुर ने कहा, यह एक सुरक्षा उल्लंघन है, क्योंकि आतंकवादियों को स्पष्ट पता है कि कौन कहां तैनात है? सरकार को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि ऐसे समय में किसने सूची लीक की है, जब घाटी में लक्षित हत्याएं हो रही हैं।

जम्मू में तैनाती की मांग
आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों और गैर-स्थानीय लोगों की लक्षित हत्याओं के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उन्हें जम्मू संभाग में तैनात किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने मांग को स्वीकार नहीं किया है और इसकी बजाय इन कर्मचारियों को घाटी में सुरक्षित स्थानों पर पोस्ट करने की योजना पर काम कर रहे हैं। पनुन कश्मीर (पीके) के अध्यक्ष अजय चृंगू, कश्मीरी पंडित सभा के अध्यक्ष के.के. खोसा, कश्मीरी पंडित कॉन्प्रâेंस (केपीसी) के अध्यक्ष, कुंदन कश्मीरी, अखिल भारतीय प्रवासी शिविर समन्वय समिति (एआईएमसीसीसी) के अध्यक्ष देश रतन और अन्य पंडित नेताओं ने धमकी भरे पत्र पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और घाटी में स्थिति अनुकूल होने तक कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार से पीएम पैकेज की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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