मुख्यपृष्ठनए समाचारमुख्यमंत्री का उद्गार... आनंद से जियो, हम विकास कर रहे हैं!

मुख्यमंत्री का उद्गार… आनंद से जियो, हम विकास कर रहे हैं!

• मेट्रो के उद्घाटन के दौरान भाजपा पर किया कटाक्ष
• कहा, रातों-रात पेड़ कटा, मुंबईकरों को याद है
सामना संवाददाता / मुंबई । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल गुढी पाडवा के शुभ अवसर पर मुंबईकरों को मेट्रो-२ए और मेट्रो-७ की सौगात दी। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आनंद से जीवन जियो, हम विकास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए ये भी कहा कि विकास के नाम पर भाजपा ने रातों-रात पेड़ कटवा दिया था, उसे जनता ने ध्यान में रखा है। पर्यावरण संतुलित विकास करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने ये भी कहा कि इससे पहले कई परियोजनाओं के नारियल फूटे, जल पूजन हुआ लेकिन परियोजना प्रत्यक्ष में नहीं आई। भाजपा पर अपरोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष कहता है कि जो किया हमने किया सत्तापक्ष ने कुछ नहीं किया। सत्तापक्ष ने जो कुछ भी किया वो सिर्फ भ्रष्टाचार किया। कोरोना के साथ राजनीति में ये एक नई महामारी आई है। ऐसे मरीजों की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। हम क्या कर रहे हैं, तुम क्या कर रहे हो? ये राज्य की जनता देख रही है। मेट्रो लाइन के उद्घाटन के मौके पर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, मराठी भाषा विभाग के मंत्री सुभाष देसाई, परिवहन मंत्री अनिल परब, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख, महापौर किशोरी पेडणेकर सहित एमएमआरडीए के अधिकारी उपस्थित थे।
संकट टालने के लिए मास्क पहनो
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना के बाद प्रतिबंध मुक्ति का ये पहला दिन है। आज के चारों कार्यक्रमों में मैंने देखा कि सुरक्षा के तौर पर मैंने और उपमुख्यमंत्री ने मास्क पहना है, बाकी किसी ने नहीं। मास्क पहनने को लेकर भले ही सख्ती अब नहीं है लेकिन मास्क से मुक्ति अभी भी मिली नहीं है, इस बात का भी ध्यान लोगों को रखना चाहिए। ऐसे में संकट को टालने के लिए मास्क पहनो।
हमारी लाइन एक
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मुंबईकरों के आनंद का दिन है। मैं चार कार्यक्रमों में गया, जिनमें से दो कार्यक्रम ऑनलाइन राष्ट्रवादी के विभाग का था और दो कार्यक्रम में प्रत्यक्ष आया हूं, जो कि शिवसेना का है। जल्दी ही इस पर बोलने की शुरुआत होगी। परंतु मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हमारी लाइन एक और बराबर है, ये कभी आड़ी-टेढ़ी नहीं होगी।
मुंबईकरों पर प्रेम है तो काम करके दिखाओ
मुंबईकरों पर प्रेम दिखाना है तो काम करके दिखाओ। मुंबई से अमदाबाद बुलेट ट्रेन की जरूरत मुंबईकरों को नहीं है। पहली बुलेट ट्रेन उपराजधानी को जोड़नेवाली होनी चाहिए थी। मुंबईकरों के लिए कुछ करना है, तो मुंबई से नागपुर बुलेट ट्रेन चलाओ। मुंबईकरों से प्रेम है तो कांजुरमार्ग की जगह मेट्रो के लिए क्यों नहीं देते, ताकि बदलापुर तक मेट्रो से लोग जा सकें। मुंबई के पंपिंग स्टेशन और धारावी के पुनर्विकास के लिए जगह मांग रहे हैं, क्यों नहीं दे रहे हो? क्यों नहीं इस काम को आगे बढ़ा रहे हो? मुंबई में हो रहे सभी विकास कार्यों का श्रेय सही अर्थों में मुंबईकरों को जाता है। मुंबईकर और महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था के रीढ़ की हड्डी हैं, जिसे हम हमेशा खड़ा रखने का काम कर रहे हैं। देश को मिलनेवाले राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा (सकल घरेलू उत्पाद) महाराष्ट्र से जाता है लेकिन महाराष्ट्र को कुछ नहीं मिलता। महाराष्ट्र के हक का मांग रहे हैं, भीख नहीं मांग रहे हैं। उसे नकारने का काम मत करो। तुम्हारे कामों को आगे ले जाने का काम हम कर रहे हैं। समृद्धि महामार्ग नागपुर से आगे गड़चिरोली तक विस्तार कर रहे हैं।
अब मेट्रो का जमाना
करीब छह दशक पहले मुंबई में आने-जाने के लिए ट्रॉम का इस्तेमाल होता था, यात्रियों की संख्या बढ़ने पर ट्रॉम की जगह बेस्ट की बसों और बसों के भी कम पड़ने पर लोकल ट्रेन मुंबई की लाइफ लाइन बन गई। एमएमआर में करीब ३३७ किमी लंबा मेट्रो का जाल बिछाकर सरकार यहां लोगों को सफर करने के लिए नया विकल्प उपलब्ध करवाने की योजना पर काम कर रही है। शनिवार को मेट्रो-७ और मेट्रो-२ए कॉरिडोर के २० किमी रूट पर सेवा शुरू कर इसकी शुरुआत हो गई है। आगामी छह महीने में २० किमी की बजाय ३४ किमी मेट्रो दौड़ने लगेगी।

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