मुख्यपृष्ठनए समाचारयूपी में 'भ्रष्टतंत्र' से हारा जिंदादिल शिक्षक, कर ली खुदकुशी

यूपी में ‘भ्रष्टतंत्र’ से हारा जिंदादिल शिक्षक, कर ली खुदकुशी

• मिला ‘सुसाइड नोट’, शिक्षाधिकारी को बताया मानसिक प्रताड़ना का जिम्मेदार
•शिक्षक संगठन व राजनेताओं ने की केस दर्ज कर आरोपी अफसर के गिरफ्तारी की मांग
•डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश, बीएसए ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
यूपी में एक जिंदादिल शिक्षक ‘भ्रष्टतंत्र’ के सामने जिंदगी से हार गया। क्षेत्रीय खंड शिक्षाधिकारी की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने विषाक्त पदार्थ खा लिया। जिससे उनकी मौत हो गई है।
प्रकरण अयोध्या परिक्षेत्र के सुल्तानपुर जिले का है। यहां के कुड़वार ब्लॉक अंतर्गत पूरे चित्ता सरकारी बेसिक जूनियर हाईस्कूल में सूर्यप्रकाश द्विवेदी (५६) प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। शनिवार की शाम उन्होंने संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ खा लिया। गम्भीर हालत में उन्हें स्थानीय सिविल अस्पताल की आपातकालीन सेवा में भर्ती कराया गया। यहां उनकी हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। जहां पर मंगलवार की भोर में उन्होंने दम तोड़ दिया। दिवंगत शिक्षक सुल्तानपुर के ही बल्दीराय थानांतर्गत केवटली गांव के निवासी थे। उनके छोटे भाई धर्मप्रकाश द्विवेदी का आरोप है कि मेरे भाई ने अपनी हैंडबुक में खंड शिक्षाधिकारी मनोजीत राव द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ना की बात स्वयं लिखी है। उनके भाई को खंड शिक्षाधिकारी मनोजीत राव ने इतना प्रताड़ित कर दिया कि उन्हें आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ा। अब प्रशासन बीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें अरेस्ट करे। मेरे दिवंगत भाई व परिजनों को तभी न्याय मिलेगा। फिलहाल अभी तक दिवंगत शिक्षक के शव का लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद शव घर नहीं लाया जा सका है। परिवारीजन यहां जिद्द पर अड़ गए हैं कि जब तक आरोपी के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी, हम शव का अंतिम संस्कार नही करेंगे।

राजनेताओं व शिक्षक नेताओं की सक्रियता से हड़बड़ाया प्रशासन
दिवंगत शिक्षक द्विवेदी बड़े ही सकारात्मकता से लबरेज रहने वाले जिंदादिल, मिलनसार व ओजस्वी वक्ता थे। आमतौर पर सार्वजनिक समारोहों में दशकों से मंच संचालन का जिम्मा संभालने के कारण काफी लोकप्रिय भी थे। अयोध्या परिक्षेत्र में इसी वजह से उनकी खासी शोहरत थी। ऐसे में उनके मौत की खबर ने आम जनमानस को उद्वेलित कर डाला है। सत्ताधारी राजनेताओं एमएलसीद्वय देवेंद्र प्रताप सिंह व शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अखिलेश प्रताप डिंपल आदि ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर शिक्षक को श्रद्धांजलि व जिम्मेदार अफसर पर एक्शन के लिए पोस्ट लिखी बल्कि डीएम से लेकर डीजी बेसिक शिक्षा विजय किरण आनंद तक से फोन पर बात करके तत्काल कड़े एक्शन की मांग कर डाली है। प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय ने भी आरपार की लड़ाई का आह्वान किया है। विपक्ष के नेताओं कांग्रेसी जिलाध्यक्ष अभिषेक राणा, वरुण मिश्र आदि भी आरोपी शिक्षाधिकारी पर एक्शन न होने पर सड़क पर उतरने का आह्वान किया है।

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