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वेस्टर्न रेलवे के लोकल यात्री बेहाल! …फर्स्ट क्लास यात्री दिन-प्रतिदिन हो रहे हैं परेशान

• शराबी गर्दुल्लों की भरमार, देर रात में यात्रा हो रही असुरक्षित
• ट्रेन में शराबियों से परेशान हैं यात्री
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई लोकल ट्रेन एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए शहर में सबसे बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा है। मुंबईकरों द्वारा हमेशा से लोकल ट्रेन यात्रा को सुरक्षित माना गया है। लेकिन पिछले कुछ महीनों से यह ‘सुरक्षित सफर’ वेस्टर्न रेलवे में असुरक्षित हो गया है।
मुंबई लोकल में देर कई यात्री फर्स्ट क्लास और सेकंड क्लास से ट्रैवल करते हैं। इस दौरान उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शराबियों से यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। शराबी व नशेड़ी यात्री हमेशा नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिससे अन्य यात्रियों के लिए परेशानी पैदा होती है। कई बार तो लोग इस पर ध्यान नहीं देते या फिर यह आपसी झगड़े में बदल जाता है।
मंगलवार को बोरीवली लोकल के प्रथम श्रेणी डिब्बे में यात्रा कर रहे एक यात्री ने देखा कि उसी डिब्बे में एक अन्य यात्री शराब पी रहा है। उसने उस शराबी के कई फोटोग्राफ खींचे और ‘दोपहर का सामना’ के साथ शेयर किए। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, मार्च २०२३ में भी वेस्टर्न लाइन पर एक लोकल ट्रेन में कुछ यात्रियों द्वारा इसी तरह की घटना प्रकाश में आई गई थी, जो बाद में वायरल हो गई। ऐसे ही एक यात्री को मंगलवार २९ अगस्त को पानी की बोतल में शराब पीते देखा गया। वह व्यक्ति माहिम से १२.१६ बजे चर्चगेट-बोरीवली लोकल के फर्स्ट क्लास में चढ़ा। उसके पास एक साफ प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें शराब जैसा कुछ दिख रहा था।
यात्री ने बताया, ‘उस यात्री ने अपने पैर सामनेवाली सीट पर रख दिए और अपने सह-यात्रियों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, उनके सामने बोतल से शराब पीने लगा। कोच में लगभग दो दर्जन लोग थे, लेकिन शराब पीनेवाला पूरी तरह बेफिक्र लग रहा था। वह चखना के साथ अपने ड्रिंक का आनंद लेता रहा।’
रेलवे नियमों के है विरुद्ध
रेलवे एक्ट १९८९ की धारा १४५ कहती है कि ट्रेन, रेलवे प्लेटफार्म समेत रेलवे परिसर में कहीं भी यात्री को शराब, नशीले पदार्थ का सेवन करते हुए पाया गया या उसके पास नशीला पदार्थ पाया गया तो उसका ट्रेन टिकट या रेलवे पास रद्द कर दिया जाएगा और उसे छह महीने की जेल या ५०० रुपए तक जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।

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