मुख्यपृष्ठसमाचारज्ञानवापी परिसर के वजूखाना का डेढ़ साल बाद खुला ताला

ज्ञानवापी परिसर के वजूखाना का डेढ़ साल बाद खुला ताला

– सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन की निगरानी में वजूखाना की की गई सफाई

उमेश गुप्ता / वाराणसी

ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाना का ताला डेढ़ साल बाद शनिवार को खुला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन की निगरानी में इसकी सफाई की गई। उसमें मौजूद 38 जिंदा मछलियों का अंजुमन इंतेजामिया मसजिद को सौंप दिया गया। वहीं टंकी में मरी 17 मछलियों को हटाया गया। इस दौरान मस्जिद व मंदिर पक्ष के लोग मौजूद रहे।
पहले से तय समय के अनुसार जिलाधिकारी एस राजलिंगम के साथ मंदिर पक्ष की वादी महिलाएं रेखा पाठक, सीता साहू, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास के साथ उनके वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी, सुधीर त्रिपाठी व मस्जिद पक्ष से अंजुमन इंतजामिया के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन व अन्य लोग सुबह 9 बजे ज्ञानवापी पहुंच गए।
जिलाधिकारी के आदेश पर नगर निगम की टीम और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई थी। पानी के टंकी का सील बंद ताला खोलकर फायर ब्रिगेड ने चार पंपों के साथ पानी को निकलना शुरू किया। टंकी से पूरी तरीके से पानी निकालने के बाद नगर निगम की टीम ने 25 फुट गुणे 25 फुट के दो हिस्सों में बंटी टंकी की ब्लीचिंग पाउडर से सफाई की। वहां मिले शिवलिंग नुमा आकार की भी सफाई की गई। लगभग 3.30 घंटे तक चली सफाई के बाद फिर से पानी टंकी को सील बंद करके सभी पक्ष वापस लौट गए। इस दौरान सुरक्षा का भारी इंतजाम किया गया था। खुद पुलिस कमिश्नर वहां मौजूद रहे।
बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील ज्ञानवापी परिसर की पानी की टंकी में मौजूद कई मछलियों की मौत हो गई थी। इससे आस-पास बदबू फैल रही है, जिसकी जानकारी देते हुए अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने बीते दिसंबर माह में जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। टंकी से पानी निकालकर सफाई करने की मांग की थी। वहीं पानी टंकी की सफाई की मांग को लेकर मंदिर पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

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