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ताड़देव में लूट-हत्या: चार महीने से वृद्ध दंपति पर थी नजर, मुख्य आरोपी सहित चार राजस्थान से गिरफ्तार

नागमणि पांडेय / मुंबई
दक्षिण मुंबई के ताड़देव स्थित एक इमारत में वृद्ध दंपति को बंधक बनाकर डकैती व महिला की हत्या के मास्टर माइंड आरोपी को राजस्थान के झालावाड़ से गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। इस संदर्भ में पुलिस पत्रकार परिषद लेकर इसका खुलासा करने वाली है।
ताड़देव के यूसुफ मंजिल इमारत में एक फ्लैट में 70 वर्षीय सुरेखा अग्रवाल और उनके पति 75 वर्षीय मदन मोहन अग्रवाल दंपित रहते थे। मदन मोहन अग्रवाल 12 अगस्त की सुबह 6.30 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकल रहे थे, तभी तीन अज्ञात लोग उनके घर के अंदर प्रवेश किए। इस दौरान लुटेरों ने घर में घुसकर मदन मोहन अग्रवाल और उनकी पत्नी सुरेखा के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उनके मुंह पर सेलो टेप चिपका दिया। इसके बाद तीनों लुटेरे घर से सोने के गहने और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इसके बाद मोहन किसी तरह फ्लैट के दरवाजे तक पहुंचे और अलार्म का बटन दबाया। बाद में हाउसिंग सोसायटी से उनकी मदद के लिए लोग पहुंचे तो पाया कि वृद्ध महिला बेहोशी की हालत में थी, लोगों ने तुरंत ताड़देव पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पति-पत्नी को नायर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने सुरेखा को मृत घोषित कर दिया। पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों के तलाश में जुटी है।
पुलिस को देख जंगल में भागा आरोपी
इस घटना को अंजाम देने में मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह उर्फ संजू पुत्र रणजीत सिंह निवासी झालावाड़ भी शामिल था। उसके खानपुर इलाके में छुपे होने की संभावना पर पुलिस ने स्पेशल टीम का गठन कर नाकाबंदी की। इस दौरान आरोपी कार से आया। पुलिस ने जब कार रोकी तो वह उतरकर पास के ही जंगल की तरफ भागा। पुलिस टीम ने पीछा कर सुरेंद्र को दबोच लिया। उसके पास एक बैग मिला, जिसमें 1 किलो 818 ग्राम सोने के जेवरात मिले। जिनकी कीमत सवा करोड रुपए है। गहनता से पूछताछ करने पर अपने साथी झालावाड़ के रहने वाले राजू उर्फ राजाराम मेघवाल, बहादुर सिंह, दिल्ली का रहने वाला सुमित, मुंबई के समीर राजू के साथ मिलकर डकैती व हत्या कर जेवर लूटना कबूल किया।
चार माह तक की रैकी
सुरेंद्र सिंह के करीबी दोस्त मयूर के जरिए साल फर पहले सुमित बारां से जान-पहचान हुई। सुमित दिल्ली में काम करता था, जिसके ऊपर कर्जा हो जाने से अपने करीबी रिश्तेदार मौसी की लड़की के ससुर के पास मुंबई चला आया। वृद्ध सास-ससुर की मुंबई में मुंबादेवी ज्वैलरी मार्केट में शॉप है। सुमित ने यहां 9 माह तक काम किया। इस दौरान वृद्ध दंपित की सारी जानकारी प्राप्त की, फिर डकैती की साजिश रची। इसके लिए सुरेंद्र सिंह को मोबाइल से पूरी जानकारी दी। इसके बाद सुरेंद्र सिंह, उसके दो करीब दोस्त राजू उर्फ राजाराम, सुरेंद्र के साथ विजय बहादुर सिंह पहुंचे और 4 माह तक वृद्ध दंपित की रेकी की।
पुलिस से बचने के लिए मोबाइल किए नष्ट
प्लान के अनुसार, 12 अगस्त सुबह 6 बजे वृद्ध दंपति घूमने निकले तो प्लान के अनुसार, फ्लैट के पास सुरेंद्र सिंह, राजाराम, विजय बहादुर नकाब पहनकर खड़े थे। दंपति के फ्लैट के मेन गेट से निकलते ही समीर सहित चारों ने वृद्ध दंपति के मुंह पर मास्क लगाकर सेलो टेप लगाकर बंधक बनाकर फ्लैट में कमरे में पटक दिया। चारों ने मिलकर महिला की हत्या कर कमरे से सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। इससे पहले चारों ने अपने मोबाइल नष्ट कर दिए। इसके बाद सुरेंद्र सिंह, राजा राम, विजय बहादुर सिंह तीनों पुणे से रतलाम और फिर भवानीमंडी पहुंचे। इसके बाद 14 अगस्त को झालावाड़ पहुंचे। इसकी सूचना पर सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के आधार पर बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

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