मुख्यपृष्ठखेलबॉक्सिंग की राजनीति में उलझीं लवलीना

बॉक्सिंग की राजनीति में उलझीं लवलीना

हिंदुस्थान की स्टार महिला मुक्केबाजों में शुमार लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक की बड़ी उम्मीद थी लेकिन ये उम्मीद अब धराशायी हो चुकी है। गुरुवार की सुबह जब हिंदुस्थान की नींद खुली तो दिन की शुरुआत ही लवलीना की हारने की खबर के साथ हुई। टोक्यो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने की दावेदार थीं। ओलिंपिक की तुलना में कॉमनवेल्थ गेम्स में कॉम्पिटिशन का स्तर काफी कम है। इसलिए फैंस के साथ-साथ एक्सपर्ट भी मानकर चल रहे थे कि लवलीना के पंच से हिंदुस्थान को सोना मिलना तय है लेकिन बुधवार को एंटी क्लाइमैक्स सामने आ जाता है। लवलीना क्वार्टर फाइनल में ही हार जाती हैं। गोल्ड छोड़िए ब्रॉन्ज भी नहीं जीत पाईं। लवलीना की इस हार को बॉक्सिंग फेडरेशन से जुड़े लोग नहीं पचा पा रहे हैं। नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर फेडरेशन से जुड़े एक ऑफिशियल ने बताया कि जिस तरह से लवलीना कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने के कुछ दिन पहले से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं, उससे लगता है कि उनको कोई और ड्राइव कर रहा है। लवलीना ने गेम्स शुरू होने से पहले ट्वीट कर कहा था कि उनको मेंटली हैरेस किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें अपने कोच के साथ ट्रेनिंग नहीं करने दी जा रही है और उनके कोच को उनसे दूर रखा जा रहा है। लवलीना ने कहा था कि उनके कोच को कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में एंट्री नहीं दी गई।

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