मुख्यपृष्ठधर्म विशेषमां सिद्धिदात्री देंगी ९ दिनों की पूजा का फल

मां सिद्धिदात्री देंगी ९ दिनों की पूजा का फल

नवरात्रि के ९वें दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं और उन्हें यश, बल और धन भी प्रदान करती हैं। शास्त्रों में मां सिद्धिदात्री को सिद्धि और मोक्ष की देवी माना जाता है। मां सिद्धिदात्री महालक्ष्मी की तरह कमल पर विराजमान हैं। मां के चार हाथ हैं। मां ने हाथों में शंख, गदा, कमल का फूल और च्रक धारण किया है। मां सिद्धिदात्री को माता सरस्वती का रूप भी मानते हैं।
पूजा विधि
मां को रोली, कुमकुम लगाएं। मां को मिष्ठान और पांच प्रकार के फलों का भोग लगाएं। मां सिद्धिदात्री का अधिक से अधिक ध्यान करें।
पूजा मंत्र
सिद्धगन्‍धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि,
सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- ०४.३८ बजे सुबह से ५.२७ बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त- ११.४६ सुबह से १२.३३ बजे तक।
विजय मुहूर्त-२.०८ बजे शाम से २.५५ बजे सुबह तक।
गोधूलि मुहूर्त-५.५२ बजे शाम से ६.१६ बजे तक।
अमृत काल-४.५२ बजे शाम से ६.२२बजे तक।
रवि योग- पूरे दिन।

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