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हारी मशीन, जीता मनुष्य!

– प्रतिबंधित ‘रैट होल माइनर्स’ ने टनल में फंसे ४१ मजदूरों को दी नई जिंदगी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

१७ दिनों से निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में फंसे ४१ मजदूर कल बाहर निकाल लिए गए। तीन दिन पहले जब ऑगर मशीन पूरी तरह खराब हो गई थी तो मायूसी छा गई थी। उसके बाद पहाड़ के ऊपर से ड्रिल करने का निर्णय लिया गया था। पर इस बीच संकरी जगह पर खुदाई करने में एक्सपर्ट ‘रैट माइनर्स’ बुलाए गए। वैसे मशीनों के आ जाने के बाद इस तरह की रैट माइनिंग पर देश में प्रतिबंध लगा दिया गया है। मगर टनल में फंसे ४१ जिंदगियों का सवाल था इसलिए ऐसे ६ एक्सपर्ट को बुलाया गया था। इन जांबांजों ने ३ फुट मोटी पाइप में घुसकर मैन्युअल तरीके से खुदाई कर जंग जीत ली। इस तरह से जहां ऑगर मशीन हार गई वहां मनुष्य ने फतह हासिल कर ली।
गौरतलब है कि उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा के टनल में फंसे मजदूर आखिरकार १७वें दिन बाहर आ ही गए। कल मंगलवार की दोपहर, उनके लिए जिंदगी की नई रोशनी लेकर आई। सुरंग से बाहर आते ही मजदूरों को फौरन एंबुलेंस की जरिए अस्पताल ले जाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता के बाद मजदूरों के परिजनों, रेस्क्यू टीम और प्रशासन ने राहत की सांस ली। झारखंड निवासी विजय होरो को सबसे पहले निकाला गया। इसके बाद दूसरे मजदूर गणपति होरो को भी सुरंग से बाहर निकाला गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शॉल ओढ़ाकर मजदूरों का स्वागत किया।
इसके साथ ही मनजीत, अनिल , धीरेंद्र नायक, उनाधर नायक, तपन मंडल, राम प्रसाद, चंपा उराव, जय प्रकाश, सुखराम आदि मजदूरों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। टनल से निकाले गए मजदूरों में रंजीत लोहार, महादेव नायक, जयदेव वैरा, सोखिम मन्ना, संजय, राजेंद्र भी शामिल थे। रामसुंदर, सुबोध कुमार वर्मा, विश्वजीत वर्मा को भी बाहर निकाला गया।
इन मजदूरों को ८०० एमएम के पाइपों के जरिए एक-एक कर बाहर निकाला गया। ये मजदूर रेंगते हुए बाहर निकले। कुछ मजदूर कमजोर हो गए थे, उनके लिए पहिए लगे स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई थी। इन मजदूरों को स्ट्रेचर पर लिटाकर रस्सी के जरिए बाहर खींचा गया।
एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया
प्रशासन की ओर से मजदूरों के सुरंग से बाहर आने के बाद सारी तैयारियां की गर्इं थी। बुधवार से ही यहां पर ४१ एंबुलेस और डॉक्टरों की टीम तैनात थी। सुरंग से बाहर निकलते ही इन मजदूरों के प्राथमिक परीक्षण के लिए बाहर बनाए गए अस्थायी अस्पताल में ले जाया गया।

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