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मदरसे के शिक्षक बर्बाद कर रहे भविष्य! बच्चों को नहीं पता पीएम और यूपी सीएम का नाम

  • साइंस का मतलब नहीं जानते तालीम देने वाले टीचर

सामना संवाददाता / महाराजगंज
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में मान्यता प्राप्त मदरसों का हाल बेहाल है। बताया जा रहा है कि यहां पर बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों में भी ज्ञान की भारी कमी है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यूपी में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण कराने के पीछे मकसद मदरसों की शिक्षा व्यवस्था की जांच करनी है। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि मदरसों का वित्त पोषण कहां से हो रहा है और पढ़ाई का क्या स्तर है? किस जिले में कितने गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं, किस मदरसे में कितने बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। वहीं सरकार के द्वारा सर्वे की घोषणा के बाद जब महाराजगंज के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मदरसे का रियलिटी चेक किया गया तो वहां पर शिक्षा का स्तर पता चला। जिस मदरसे में शिक्षक को बेसिक चीजें नहीं मालूम हैं, वहां के छात्र उन शिक्षक से क्या तालीम लेंगे? यह एक बड़ा सवाल है।
शिक्षक को नहीं पता शिक्षामंत्री का नाम
महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा के पास नौतनवा में संचालित मान्यता प्राप्त मदरसे की स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने पर हालात कुछ और मिले। ताज्जुब की बात तब हो गई, जब मदरसे में पढ़ानेवाले शिक्षकों को देश के पीएम,सीएम और प्रदेश के शिक्षामंत्री तक का नाम पता नहीं है। यहां तक कि जिले के अधिकारियों के बारे में भी मदरसों में पढ़ानेवाले शिक्षकं को कोई जानकारी नहीं है। जब मदरसे के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अब्दुल्ला से पूछा गया कि यहां पर किन-किन विषयों की पढ़ाई होती है तो उन्होंने बताया उर्दू, हिंदी, अंग्रेजी, अरबी, मैथ और साइंस सभी विषय पढ़ाए जाते हैं। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि साइंस को हिंदी में क्या कहते हैं तो हैरान-परेशान से दिखने लगे और जवाब न दे पाए। शिक्षकों के ज्ञान का स्तर जानने के लिए उर्दू के शिक्षक से यह जानने का प्रयास किया गया कि इस समय भारत के प्रधानमंत्री कौन हैं तो उन्होंने फटाक से जवाब दिया कि मनमोहन सिंह। अब आप सोच सकते हैं कि जिस शिक्षक को यह नहीं पता कि भारत का प्रधानमंत्री कौन है, वह मदरसे में पढ़नेवाले छात्रों को क्या तालीम देगा? वहीं पर मदरसे में तालीम ले रहे बच्चों को भी देश के प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री का नाम तक पता नहीं है।

इंग्लिश टीचर को जनवरी की स्पेलिंग नहीं मालूम
जब मदरसे में पढ़ानेवाले अंग्रेजी के शिक्षक से सवाल किया गया कि जनवरी और फरवरी की स्पेलिंग क्या है, तो उन्होंने वह जवाब भी गलत दिया। यह सवाल तो पहली कक्षा का बच्चा भी दे देगा।

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