मुख्यपृष्ठनए समाचारमदुरै ट्रेन हादसा: बोगी में २२ वर्षों से ढो रहा था ‘बारूद'!

मदुरै ट्रेन हादसा: बोगी में २२ वर्षों से ढो रहा था ‘बारूद’!

सीतापुर के टूर ऑपरेटर की मौत को दावत

सामना संवाददाता / मदुरै

मदुरै ट्रेन हादसे को लेकर नया व सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि जो ट्रैवलिंग एजेंसी यात्रियों को टूर पर ले जाती थी, उसका मालिक बीते २२ सालों से ट्रेन में सिलिंडर व स्टोव आदि के साथ ट्रेन में सफर करता था। सिलिंडर में आग लगने की वजह से ही हादसा हुआ, जिसमें टूर ऑपरेटर की भी जान चली गई।
बता दें कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तमिलनाडु के मदुरै में ट्रेन के कोच में अवैध रूप से सिलिंडर ले जाने पर टूर ऑपरेटर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। कोच में बर्तन और आलू की बोरी के अलावा स्टोव और कुछ अन्य ज्वलनशील चीजें भी पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि टूर ऑपरेटर ने चोरी-छिपे इस कोच में सिलिंडर रखा था, ताकि यात्रा के दौरान नाश्ता आदि बना कर खान-पान पर होनेवाला खर्च बचाया जा सके। घटना के वक्त कुछ लोग चाय-नाश्ता बनाने में व्यस्त थे। इस दौरान सिलिंडर में आग लगने की वजह से यह हादसा हुआ।
शनिवार सुबह मदुरै स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के एक कोच में सिलिंडर ब्लास्ट के बाद आग लगने से यूपी के नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। दक्षिणी रेलवे ने एक बयान में कहा कि टूर ऑपरेटर द्वारा पर्यटक कोच में रसोई गैस सिलिंडर की अवैध ढुलाई को लेकर जीआरपी ने आईपीसी और रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। बयान में कहा गया है कि आईआरसीटीसी के सहयोग से दक्षिणी रेलवे हादसे में सुरक्षित बचे यात्रियों की लखनऊ वापसी के लिए हवाई यात्रा की व्यवस्था भी करेगा।
दक्षिणी रेलवे की तरफ से बताया गया है कि प्राइवेट पार्टी कोच बुक कराने वाला समूह गैर-कानूनी रूप से अपने साथ सिलिंडर लेकर चल रहा था और यही हादसे की वजह बना। प्राइवेट पार्टी कोच में कुल ६३ लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों के रहने वाले थे। ये सभी लखनऊ से चेन्नई जा रहे थे।
…तो जातीं और ज्यादा जानें
श्रद्धालुओं का एक समूह १७ अगस्त को धार्मिक यात्रा पर निकला था और २७ अगस्त को चेन्नई और रामेश्वरम पहुंचने के बाद इसे लखनऊ वापस लौटना था। यह प्राइवेट पार्टी कोच आईआरसीटीसी के जरिये बुक कराया था। प्राइवेट पार्टी कोच को किसी ट्रेन के साथ जोड़कर उसके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया जाता है। इस प्राइवेट पार्टी कोच को शुक्रवार को नागरकोईल जंक्शन से पुनालुर-मदुरै एक्सप्रेस के साथ जोड़कर रवाना किया गया था। शनिवार सुबह जब यह हादसा हुआ तो इसे ट्रेन से अलग करके मदुरै की स्टैबिंग लाइन पर खड़ा किया जा चुका था। इसलिए कोई और डिब्बा इसके साथ जुड़ा नहीं था। अन्यथा यह हादसा और भी ज्यादा जानलेवा हो सकता था।

अन्य समाचार

लालमलाल!