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महाराष्ट्र गुंडों के हाथ…राष्ट्रपति शासन की मांग!

-शोकाकुल माहौल में अभिषेक घोसालकर की अंत्येष्टि

सामना संवाददाता / मुंबई

शिवसेना उपनेता विनोद घोसालकर के पुत्र व पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर के पार्थिव शरीर की कल बोरिवली स्थित दौलतनगर श्मशान भूमि में अत्यंत शोकाकुल माहौल में अंत्येष्टि की गई। शिवसेना नेताओं के साथ पदाधिकारी और हजारों शिवसैनिक अभिषेक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अभिषेक पर फायरिंग की घटना को लेकर शिवसैनिकों में भारी आक्रोश है। सिर्फ शिवसैनिकों में ही नहीं, बल्कि सर्वसामान्य जनता में भी राज्य में आपराधिक मामलों में वृद्धि को लेकर ‘घाती’ सरकार के खिलाफ प्रचंड नाराजगी है। विरोधी पक्ष सरकार पर टूट पड़ रहे हैं। महाराष्ट्र गुंडों के हाथ में चला गया है। गुंडागर्दी और जंगलराज रोकने में ‘खोके’ सरकार असफल साबित हुई है। राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं। इसलिए तत्काल सरकार बर्खास्त कर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, ऐसी मांग विरोधी पक्षों की ओर से की गई है।
अभिषेक घोसालकर पर गोलीबारी की घटना के बाद राज्य भर में तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। पिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। इससे विपक्षी दलों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ गया है। शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कहा है कि महाराष्ट्र की जनता विफल और अक्षम गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग कर रही है। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में लगातार गुंडागर्दी देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री से मिलने गुंडे मंत्रालय आ रहे हैं। प्रदेश में गुंडों को कांट्रैक्ट दिए जा रहे हैं। आठ हजार करोड़ रुपए का एंबुलेंस ठेका किसे मिला? इसमें कितने माफिया हैं? संजय राऊत ने यह भी सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन का बैनर कौन लगाता है, इसे देखो। भाजपा विधायक गणपत गायकवाड ने गोलीबारी की। इसमें एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे का नाम आया। एकनाथ शिंदे की जांच होनी चाहिए थी, लेकिन उनकी जगह कोई और होता तो उसकी जांच होती। संजय राऊत ने यह भी आलोचना की कि झारखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में गुंडों का समर्थन करनेवाले मुख्यमंत्री से जवाब नहीं मांगा जाता है।

बॉडीगार्ड चाहता तो बच सकती थी अभिषेक की जान!

सुरक्षाकर्मी की लापरवाही से हत्यारे को मिला था हथियार

शिवसेना उपनेता विनोद घोसालकर के पुत्र व पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर हत्याकांड में एक नया खुलासा हुआ है। फेसबुक लाइव के दौरान मॉरिस नोरोन्हा नाम के गुंडे ने गोली मारकर अभिषेक की हत्या कर दी थी। अब पुलिस की जांच में पता चला है कि अगर मॉरिस का बॉडीगार्ड चाहता तो अभिषेक की जान बच सकती थी। दरअसल, मॉरिस ने जिस हथियार से अभिषेक की जान ली, वो उसके बॉडीगार्ड का ही निकला। मॉरिस अक्सर बॉडीगार्ड का पिस्टल लेकर अपने पास रख लेता था। बॉडीगार्ड का हथियार लेकर अपने पास रखना उसकी आदत सी बन गई थी। पुलिस ने कल मॉरिस के बॉडीगार्ड को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के फूलपुर जिले से इस पिस्टल का लाइसेंस जारी हुआ था। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में पता चला है कि इस हथियार का लाइसेंस सिर्फ यूपी के लिए ही था, पर बॉडीगार्ड अमरेंद्र मिश्रा उसे लेकर मुंबई आ गया था और गत चार महीने से वह मॉरिस के साथ उसके बॉडीगार्ड के रूप में रह रहा था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मॉरिस के बॉडीगार्ड अमरेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच ने अमरेंद्र मिश्रा को आर्म्स एक्ट की धारा २९बी और ३० के तहत गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि स्थानीय गैंगस्टर और खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बतानेवाले मॉरिस नोरोन्हा ने इस गोलीबारी को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने मॉरिस के पीए मेहुल पारिख, रोहित साहू और मॉरिस के बॉडीगार्ड को गिरफ्तार किया है। इस मामले के पीछे असली वजह क्या है, क्या जो दिख रहा है उसके अलावा भी कोई और वजह हो सकती है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
राज्य में गुंडों का नंगा नाच -अंबादास दानवे
महाराष्ट्र गुंडा, माफिया, हफ्ताखोरों का राज्य बन गया है। शिंदे-भाजपा सरकार में नेता खुलेआम गोलीबारी कर रहे हैं। गुंडों का नंगा नाच चल रहा है। उस पर किसी भी तरह का अंकुश नहीं रह गया है। इस तरह का जोरदार हमला विधान परिषद में विरोधी पक्षनेता अंबादास दानवे ने किया। उन्होंने कहा कि पुणे के उप चुनाव के समय आरोपित गुंडों को पैरोल पर रिहा किया गया। साथ ही इनका इस्तेमाल राजनीति करने के लिए किया गया। इस तरह का आरोप भी दानवे ने लगाया। सरकार के आशीर्वाद से जमीन हड़पने का धंधा चल रहा है।
गुंडों को राजाश्रय -सुप्रिया सुले
राष्ट्रवादी कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद सुप्रिया सुले ने अभिषेक घोसालकर की हत्या के मामले में सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर की सोशल मीडिया पर लाइव रहते हुए गोलीबारी करके हत्या होती है। एक महीने में इस तरह की यह दूसरी घटना है। एक तरफ मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री खुलेआम गुंडों से मिल रहे हैं।
प्लान बनाकर हुई गोलीबारी -विजय वडेट्टीवार
राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं। कानून व्यवस्था अब नाम मात्र भी नहीं बची है। इस तरह का तंज विधानसभा के विरोधी पक्षनेता विजय वडेट्टीवार ने कसा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभिषेक घोसालकर पर प्लान करके गोलीबारी की गई है। राज्य को रामभरोसे छोड़कर खुद की सत्ता और संपत्ति बचाए रखने के लिए सत्ता का इस्तेमाल शुरू है।
सत्ताधारी ही गुनहगार -बालासाहेब थोरात
राज्य सरकार का अपराधियों में डर खत्म हो गया है और सत्ताधारी ही गुनहगार बन गए हैं। बालासाहेब थोरात ने मजाकिया सवाल करते हुए कहा कि न्याय किससे मांगा जाए? उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पर आरोप लगानेवाले भाजपा विधायक के बारे में मुख्यमंत्री को खुलासा करना चाहिए। थोरात ने राकांपा को लेकर चुनाव आयोग के फैसले पर भी सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा।
गोलीबारी की जांच होनी चाहिए -अजीत पवार
उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि ऐसी घटना महाराष्ट्र में नहीं होनी चाहिए थी। मैं किसी भी तरह के अपराध का समर्थन नहीं करता और इस मामले की जांच होनी चाहिए।

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