मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के लिए महाविकास आघाड़ी सरकार गिराई!-उद्धव...

मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के लिए महाविकास आघाड़ी सरकार गिराई!-उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला

मुंबई।  मुंबई को महाराष्ट्र से अलग कर केंद्र शासित क्षेत्र बनाने की केंद्र में बैठे सत्ताधारियों की चाल है। हम जब सत्ता में थे, तब उनकी चाल नहीं चली इसीलिए महाविकास आघाड़ी सरकार को गिराया गया। ऐसा आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल केंद्र की भाजपा सरकार पर लगाया। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र में हमारी सरकार आने के बाद मोदी सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिए गए फैसले वापस लिए जाएंगे।
उद्धव ठाकरे ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस  में बोल रहे थे। केंद्र सरकार ने नीति आयोग को मुंबई महानगर क्षेत्र में सिर्फ बुनियादी ढांचे के विकास ही नहीं बल्कि आर्थिक विकास की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। इस प्रकार नीति आयोग योजना तैयार करेगा। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम भी उनकी मदद करेगी। जब मीडिया ने इस बारे में उद्धव ठाकरे से पूछा तो उन्होंने इसकी आलोचना करते हुए कहा, ‘इस पैâसले से भाजपा की मुंबई को तोड़ने की मंशा जाहिर हो गई है।
मुंबई सहित महाराष्ट्र की स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखेंगे
जब महाविकास आघाड़ी सत्ता में थी तब मुंबई के साथ-साथ महाराष्ट्र की स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखने के लिए ऐसा प्रस्ताव लाने की हिम्मत केंद्र के सत्ताधारियों में नहीं थी और हम अब भी ऐसे प्रस्ताव को अनुमति नहीं देंगे। हम महाराष्ट्र और मुंबई सहित देश के अन्य राज्यों की स्वायत्तता को बरकरार रखेंगे, जैसे ही केंद्र और राज्य में हमारी सरकार आएगी, हम भाजपा के सभी बंधनों को तोड़ देंगे, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा।
एकछत्र राज लाने का प्रयास सफल नहीं होगा
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब केंद्र ने दिल्ली के लिए ऐसा प्रस्ताव लाया तो उन्हें आशंका थी कि वे मुंबई के लिए भी ऐसा ही करेंगे। देश में संघीय व्यवस्था है। हर राज्य को समान अधिकार है। केंद्र केवल कुछ अपवादों को छोड़कर राज्य के मामलों में हस्तक्षेप कर सकता है, लेकिन मोदी सरकार इस हस्तक्षेप को बढ़ाना चाहती है। वे राज्यों और शहरों की स्वायत्तता को खत्म कर एकछत्र राज लागू करना चाहते हैं, लेकिन उस छत्रछाया को तोड़े बिना हम चुप नहीं बैठेंगे, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा।

अन्य समाचार